देवघर में गौतम अडानी ने किया जलाभिषेक, झारखंड और देश की समृद्धि के लिए मांगी प्रार्थना

News Saga Desk

देवघर | देश के प्रसिद्ध उद्योगपति सह गौतम अडानी रविवार 22 फरवरी को देवघर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने विश्व प्रसिद्ध बाबा वैद्यनाथ धाम मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। देश के प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंगों और 51 शक्तिपीठों में से एक इस पावन स्थल पर उन्होंने तीर्थ पुरोहितों के मार्गदर्शन में जलाभिषेक कर बाबा भोलेनाथ से आशीर्वाद लिया।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में गौतम अडानी को पंडितों द्वारा बोले गए संकल्पों को दोहराते हुए देखा गया। उन्होंने अपने गोत्र और पिता का नाम लेते हुए पूरे श्रद्धाभाव से पूजा संपन्न की। मंदिर परिसर में उनका व्यवहार अत्यंत विनम्र और भक्तिमय दिखाई दिया।

असीम शांति की अनुभूति

दर्शन के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में गौतम अडानी ने कहा कि बाबाधाम आने की उनकी इच्छा काफी समय से थी, जो आज पूरी हुई। उन्होंने बताया कि यहां आकर उन्हें असीम मानसिक शांति की अनुभूति हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और भारतवर्ष की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की है।

मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के दौरान उनके साथ पुरोहितों का दल मौजूद था, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन किया। दर्शन के बाद उनके चेहरे पर संतोष और आस्था का भाव साफ झलक रहा था।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अगला पड़ाव पीरपैंती

गौतम अडानी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। भारी सुरक्षा घेरे के बीच संपन्न इस धार्मिक यात्रा के बाद अब उनके व्यावसायिक दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

देवघर से रवाना होने के बाद उनका अगला पड़ाव बिहार का पीरपैंती क्षेत्र बताया जा रहा है, जहां प्रस्तावित पावर प्लांट परियोजना की प्रगति की समीक्षा की संभावना है। माना जा रहा है कि यह दौरा क्षेत्रीय औद्योगिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

क्षेत्रीय विकास को मिल सकती है गति

पीरपैंती पावर प्रोजेक्ट को अडानी समूह की रणनीतिक योजनाओं में अहम माना जा रहा है। इस परियोजना की प्रगति से न केवल बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास को भी बल मिल सकता है। झारखंड और बिहार की सीमा से सटे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की उम्मीदें भी इस दौरे से जुड़ी हैं।

बहरहाल, गौतम अडानी की यह यात्रा जहां एक ओर उनकी गहरी आस्था को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय औद्योगिक संभावनाओं को भी नई दिशा दे सकती है।

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