सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल, वैश्विक तनाव के बीच बाजार में तेजी

News Saga Desk

नई दिल्ली: वैश्विक राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के चलते शुक्रवार को यानि आज सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की मांग बढ़ने से दोनों धातुएं ऐतिहासिक स्तरों के करीब कारोबार करती नजर आईं।

MCX पर सोना-चांदी के दाम चढ़े

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का अप्रैल वायदा 0.64 प्रतिशत बढ़कर 1,60,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी में और अधिक तेजी देखने को मिली। चांदी का मई वायदा 1.87 प्रतिशत उछलकर 2,67,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है। दिन के शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमतों में करीब 2.6 प्रतिशत और सोने में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई थी। हालांकि बाद में हल्की मुनाफावसूली के कारण कीमतों में थोड़ी स्थिरता देखी गई।

वैश्विक तनाव और महंगाई की चिंता

विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का सातवां दिन होने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे वैश्विक महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के इस बयान कि अमेरिका के पास लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद है, ने बाजार में चिंता और बढ़ा दी है।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट से सोने को सहारा

सोने की कीमतों में तेजी का एक बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स में आई गिरावट भी है। डॉलर इंडेक्स 0.29 प्रतिशत गिरकर 99.03 के स्तर पर आ गया। डॉलर कमजोर होने से अन्य मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ जाती है।

कच्चे तेल में हल्की गिरावट

युद्ध की स्थिति के बावजूद शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई। अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद के लिए 30 दिनों की छूट दिए जाने के बाद ब्रेंट क्रूड 1.52 प्रतिशत गिरकर 84.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

बाजार की आगे की दिशा

बाजार विश्लेषकों के अनुसार फिलहाल सोने को 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 1,62,800 रुपये का स्तर इसके लिए प्रमुख रेजिस्टेंस माना जा रहा है। वहीं चांदी के लिए 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर अहम रुकावट है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका की आगामी जॉब्स रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर भविष्य की नीति का संकेत मिल सकता है।

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