News Saga Desk
राजधानी पटना में कड़ाके की ठंड अब आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है. लगातार गिरते न्यूनतम तापमान ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है. सुबह की कंपकंपी और रात की ठिठुरन ने खासकर फुटपाथ पर रहने वाले लोगों, बुजुर्गों, बीमारों और छोटे बच्चों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
हालात को देखते हुए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. ठंड से होने वाली किसी भी तरह की जनहानि को रोकने के लिए प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड में रखा गया है और राहत व्यवस्था को तेज किया गया है.
जिला प्रशासन ने रैन बसेरों की व्यवस्था, अलाव जलाने, कंबल वितरण और स्वास्थ्य निगरानी को सक्रिय कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि ठंड के इस दौर में किसी भी जरूरतमंद को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा और समय रहते हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
प्रशासन ने आम लोगों से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी ठंड से बचाव संबंधी एडवायजरी का पालन करने की अपील की है. नागरिकों को खुले में अधिक देर तक न रहने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है.
किसी भी आपात स्थिति में लोग जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, पटना से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग का टॉल-फ्री नंबर 1070 और स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन 104 को 24×7 सक्रिय रखा गया है. प्रशासन ने सामाजिक संगठनों और नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास जरूरतमंदों पर नजर रखें और तुरंत सूचना देकर मदद पहुंचाने में सहयोग करें.
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