News Saga Desk
नई दिल्ली। भारत और चिली ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लिए आधिकारिक तौर पर संदर्भ शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है। इस ऐतिहासिक कदम को इन दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर भारत में चिली के राजदूत जुआन अंगुलो और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव और भारतीय पक्ष की ओर से भारत-चिली सीईपीए के मुख्य वार्ताकार विमल आनंद ने विधिवत हस्ताक्षर किए हैं। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए अपने साझा दृष्टिकोण को दोहराया और 26 से 30 मई, 2025 को नई दिल्ली में होने वाली पहली वार्ता के दौरान सार्थक चर्चा के प्रति आशा व्यक्त की। सीईपीए का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मौजूदा पीटीए को आगे बढ़ाते हुए डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन एवं सहयोग, एमएसएमई, महत्वपूर्ण खनिजों आदि सहित कई क्षेत्रों को शामिल करना है, जिससे आर्थिक एकीकरण और सहयोग बढ़ेगा।
उल्लेखनीय है कि भारत और चिली रणनीतिक साझेदार और करीबी सहयोगी हैं। दोनों देश उत्साहपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध साझा करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में उच्चस्तरीय यात्राओं के आदान-प्रदान से द्विपक्षीय संबंध निरंतर रूप से मजबूत हुए हैं। जनवरी, 2005 में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग पर एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, उसके बाद मार्च, 2006 में अधिमान्य व्यापार समझौते (पीटीए) पर हस्ताक्षर किए गए। तब से भारत और चिली के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध मजबूत बने हुए हैं और निरंतर प्रगति की दिशा में अग्रसर हैं।
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