News Saga Desk
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच का विवाद अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कार्रवाई के खिलाफ अब दुनिया के कई देशों में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इसी कड़ी में आज झारखंड की राजधानी रांची में भी अमेरिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के विरोध में इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों ने रांची में अमेरिकी साम्राज्यवाद विरोध मार्च निकाला। यह विरोध मार्च राजधानी के सैनिक मार्केट से शुरू होकर लोक भवन तक पहुंचा।
लोक भवन के सामने प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और किसी भी संप्रभु देश की आज़ादी के खिलाफ बताया। इस दौरान राज्यपाल के माध्यम से अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।
विरोध मार्च में शामिल राज्यसभा सांसद महुआ मांझी ने अमेरिका की नीतियों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी भी संप्रभु देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कतई स्वीकार्य नहीं है और इसके खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना चाहिए। किसी भी देश की संप्रभुता पर हमला पूरी मानवता के लिए खतरा है। अमेरिका की इस नीति का हम पुरजोर विरोध करते हैं और सभी लोकतांत्रिक ताकतों से एकजुट होने की अपील करते हैं।
वहीं, सीपीआई के राज्य सचिव अजय सिंह ने अमेरिका की विदेश नीति को साम्राज्यवादी बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा है। अमेरिका लगातार दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देता रहा है। यह दबाव की राजनीति है, जिसके खिलाफ पूरी दुनिया को आवाज उठानी होगी।
गौरतलब है कि 3 जनवरी 2026 की सुबह अमेरिका ने “एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नामक अभियान के तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास और आसपास के इलाकों पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया है। इसके बाद से ही दुनिया के कई हिस्सों में अमेरिका की इस कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
No Comment! Be the first one.