News Saga Desk
पटना। IRCTC होटल घोटाले में बुधवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से फैसला नहीं सुनाया गया। 5 अगस्त को अगली तारीख दी गई है। इससे पहले 29 मई को कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। CBI के एडिशनल डायरेक्टर, राकेश अस्थाना ने बताया था कि लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित BNR होटल को IRCTC को ट्रांसफर किया था। इन्हें रख-रखाव और इम्प्रूव करने के लिए लीज पर देने की प्लानिंग थी।
इसके लिए टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दिए गए। टेंडर प्रोसेस में हेरा-फेरी किया गया था। टेंडर की प्रक्रिया IRCTC के तत्कालीन MD पीके गोयल ने पूरी की थी। 17 जुलाई 2017 को CBI ने लालू समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इस विनय कोचर समेत अन्य आरोपियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
लालू परिवार को मिली 3 एकड़ जमीन
CBI के अनुसार, रेल मंत्री रहते लालू प्रसाद ने 2005-06 में कोचर बंधुओं को IRCTC के 2 होटल (रांची, पुरी) लीज पर दिलाए। इसके बदले पटना में 3 एकड़ जमीन ली। कोचर बंधुओं ने यह जमीन सरला गुप्ता की कंपनी को बेची। बाद में इस कंपनी का मालिकाना हक राबड़ी और तेजस्वी की कंपनी के पास आ गया। इसी जमीन पर बिहार का सबसे बड़ा मॉल बन रहा था।
7 साल की हो सकती है सजा
ट्रायल के दौरान अगर CBI की ओर से कोर्ट में पर्याप्त सबूत और गवाह प्रस्तुत किए गए होंगे तो आरोपी को 7 साल तक की सजा हो सकती है। इसके साथ ही तेजस्वी यादव की भी मुश्किलें बढ़ सकती है। हालांकि, लालू प्रसाद इस मामले में साल 2019 से जमानत पर हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें और राबड़ी देवी को जमानत दे दी थी।
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