News Saga Desk
रांची: झारखंड के ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने राज्य को 412.68 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की है। यह राशि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत दी जा रही है और इसे टाइड ग्रांट के रूप में प्रदान किया जाएगा, जिसका मतलब है कि पैसा केवल तय बुनियादी सेवाओं पर ही खर्च किया जाएगा।
पंचायतों तक पहुंचेगा पैसा, हजारों गांवों को फायदा
यह फंड सीधे ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत और जिला परिषद तक जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, राज्य की 4,345 ग्राम पंचायतों में से 4,342 और 264 ब्लॉक पंचायतों में से 253 को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा राज्य की सभी 24 जिला परिषदें भी इस राशि से लाभान्वित होंगी। इसका मतलब है कि ज्यादातर ग्रामीण इलाकों तक यह फंड सीधा पहुंचेगा।
कैसे होगा पैसों का बंटवारा
केंद्र ने राशि के वितरण के लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं। पैसा 2011 की जनगणना और क्षेत्रफल के आधार पर बांटा जाएगा। यदि राज्य वित्त आयोग (SFC) की सिफारिशें उपलब्ध हों, तो उसी के अनुसार फंड दिया जाएगा। अन्यथा, 90 प्रतिशत जनसंख्या और 10 प्रतिशत क्षेत्रफल के आधार पर वितरण होगा।
10 दिन के भीतर ट्रांसफर अनिवार्य
राज्य सरकार को यह जिम्मेदारी दी गई है कि राशि बिना किसी कटौती के स्थानीय निकायों तक पहुंचाई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि यह पैसा 10 कार्य दिवस के भीतर पंचायतों के खातों में ट्रांसफर हो। देरी होने पर राज्य सरकार को ब्याज के साथ भुगतान करना पड़ेगा।
स्वच्छता और पेयजल पर रहेगा पूरा फोकस
टाइड ग्रांट होने के कारण राशि का उपयोग सिर्फ बुनियादी सेवाओं जैसे स्वच्छता और पेयजल की सुविधा सुधार पर ही किया जाएगा। लगभग आधी रकम सफाई व्यवस्था सुधार पर खर्च होगी, जबकि बाकी आधी राशि पीने के पानी की सुविधाओं को बेहतर बनाने में लगेगी।
जल शक्ति मंत्रालय की सिफारिश पर मंजूरी
केंद्र ने इस फंड को जल शक्ति मंत्रालय की सिफारिश के आधार पर मंजूर किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राशि सही जगह और सही तरीके से खर्च हो।
गांवों की तस्वीर बदलने की उम्मीद
इस मदद से गांवों में साफ पानी और स्वच्छता की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। इससे न केवल ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी, बल्कि स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
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