News Saga Desk
रामगढ़: जिले के हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड में सोमवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में फर्नेस फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिसमें वहां काम कर रहे नौ मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। धमाके के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए कामकाज ठप हो गया।
धमाके से प्लांट में हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में भी इसकी आवाज़ सुनाई दी। घटना के तुरंत बाद प्लांट में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग दहशत में आ गए।
घायलों का इलाज और गंभीर स्थिति
हादसे के बाद सभी घायलों को रांची रोड स्थित द हॉप अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक सात मजदूर 80-90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और उनकी हालत गंभीर है। सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची के देवकमल अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों में अखिला राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, राजू झा (पंडित जी), छोटू साव, सुरेश बेदिया और इशया शामिल हैं।
जांच में तकनीकी खराबी या सुरक्षा लापरवाही की संभावना
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती तौर पर हादसे का कारण फर्नेस में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएगा।
प्लांट सील, गतिविधियां रोकी गईं
सुरक्षा को देखते हुए प्लांट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है और अंदर की सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रबंधन पर मजदूरों और स्थानीय लोगों का गुस्सा
हादसे के बाद मजदूरों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही पालन किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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