News Saga Desk
जमशेदपुर के बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। अपहरणकर्ताओं ने कैरव के परिवार से 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है। 13 जनवरी को हुए इस अपहरण के बाद 20 जनवरी को परिजनों के पास इंडोनेशिया के नंबर से कई बार कॉल आए, जिसके बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
पुलिस के अनुसार, 13 जनवरी को दोपहर करीब 12.55 बजे कैरव गांधी अपनी क्रेटा कार से घर से निकले थे। वे कदमा–सोनारी लिंक रोड गोलचक्कर से होते हुए साई मंदिर के रास्ते मरीन ड्राइव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान घर से महज 100 मीटर की दूरी पर सफेद रंग की स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया। स्कॉर्पियो पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और ऊपर पुलिस सायरन भी लगाया गया था, ताकि किसी को शक न हो।
क्रेटा से उतारकर स्कॉर्पियो में किया गया अपहरण
पुलिस जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो में सवार पांच युवक थे। कार रोकने के बाद दो अपराधी जबरन कैरव की क्रेटा में बैठे, उन्हें डराया-धमकाया और उनका मोबाइल फोन छीनकर बंद कर दिया। इसके बाद अपराधी कैरव को लेकर कांदरबेड़ा के एक सुनसान इलाके में पहुंचे, जहां उन्हें क्रेटा से उतारकर स्कॉर्पियो में जबरन बैठा लिया गया। वहीं उनकी क्रेटा कार कांदरबेड़ा में ही छोड़ दी गई।
फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस सायरन से दिया वारदात को अंजाम
सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस को उस स्कॉर्पियो की तस्वीर मिली है। जांच में पाया गया कि स्कॉर्पियो पर लगा नंबर कोडरमा जिले के एक बोलेरो वाहन का है। इसके बाद अपराधी स्कॉर्पियो से चांडिल-चौका मार्ग होते हुए बुंडू टोल प्लाजा पार कर सुनसान रास्ते की ओर निकल गए। पुलिस इस पूरे रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
सीसीटीवी जांच में कई अहम सुराग
पुलिस ने सीएच एरिया से कांदरबेड़ा तक के सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। फुटेज में कैरव की कार डोबो पुल होते हुए कांदरबेड़ा की ओर जाती दिखाई दी है। हालांकि, जिस स्थान पर कार लावारिस हालत में मिली, वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के कारण अपहरणकर्ताओं की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
एसआईटी, एटीएस और CID जांच में शामिल
कैरव गांधी की तलाश के लिए जमशेदपुर और सरायकेला की संयुक्त विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। इसके साथ ही एटीएस और CID की टीमें भी जांच में जुट गई हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, यह टीमें झारखंड के अलावा बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी छापेमारी कर रही हैं। पूरे अभियान की निगरानी डीजीपी तदाशा मिश्रा स्वयं कर रही हैं और लगातार टीम से अपडेट ले रही हैं।
बिहार और बंगाल में छापेमारी, कई संदिग्ध हिरासत में
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बिहार के पटना, हाजीपुर, जहानाबाद और भागलपुर के अलावा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बर्द्धमान और हावड़ा में छापेमारी की जा रही है। इस दौरान हाजीपुर से चंदन सोनार गिरोह के दो सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं सोनारी के सोनू नामक युवक से भी पूछताछ की जा रही है, जिसके हाजीपुर के कुछ अपराधियों से संपर्क के संकेत मिले हैं।
सात दिन बाद भी सुराग नहीं, परिवार चिंतित
अपहरण के सात दिन बीत जाने के बावजूद कैरव गांधी का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है, जिससे परिजन गहरी चिंता में हैं। हालांकि परिवार को अब भी उम्मीद है कि कैरव सकुशल घर लौटेंगे। पुलिस का कहना है कि जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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