कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट ने रचा इतिहास, अप्रैल में देश का सबसे तेज़ी से बढ़ता बंदरगाह बना

News Saga Desk

कोलकाता। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट (एसएमपी), कोलकाता ने अप्रैल 2025 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए देश का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला प्रमुख बंदरगाह बनने का गौरव हासिल किया है। अप्रैल महीने में एसएमपी ने 45.32 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज करते हुए 5.967 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) कार्गो का संचालन किया, जबकि अप्रैल 2024 में यह आंकड़ा 4.106 एमएमटी था।

यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी और समुद्री व्यापार में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के बाद एसएमपी कोलकाता ने देश के अन्य प्रमुख बंदरगाहों को पीछे छोड़ दिया है। एसएमपी के अध्यक्ष रथेंद्र रमन ने इस उपलब्धि के लिए अपनी टीम की प्रतिबद्धता और मेहनत को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “यह सफलता हमारे एसएमपी परिवार की अटूट प्रतिबद्धता और दक्षता का परिणाम है। मैं बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग ने इस वृद्धि को संभव बनाया। मैं सभी हितधारकों, पोर्ट यूजर्स और अपनी पूरी टीम का हृदय से धन्यवाद करता हूं।”

एसएमपी कोलकाता के अंतर्गत दो डॉक सिस्टम हैं – हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (एचडीसी) और कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस)। अप्रैल 2025 में एचडीसी ने 4.363 एमएमटी कार्गो का संचालन किया, जो अप्रैल 2024 में 2.993 एमएमटी था। यह 45.77 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं केडीएस ने अप्रैल 2025 में 1.604 एमएमटी कार्गो संभाला, जबकि अप्रैल 2024 में यह आंकड़ा 1.113 एमएमटी था, जो करीब 44.12 प्रतिशत की वृद्धि है।

कार्गो हैंडलिंग में यह उछाल विभिन्न वस्तुओं के तेज़ी से बढ़ते संचालन के कारण हुआ। अप्रैल 2025 में एसएमपी कोलकाता ने कुल 75,716 टीईयू (ट्वेंटी फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स) कंटेनर हैंडल किए, जिनमें से 62,021 टीईयू केडीएस और 13,695 टीईयू एचडीसी में संभाले गए। यह अप्रैल 2024 के 57,717 टीईयू की तुलना में 31.18 प्रतिशत की वृद्धि है। अधिकारियों के अनुसार, केडीएस अब एक प्रमुख कंटेनर हैंडलिंग सुविधा के रूप में उभर रहा है। हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में पेट्रोलियम उत्पाद, एलपीजी, अन्य लिक्विड, वनस्पति तेल, कोकिंग कोल, थर्मल कोल, अन्य कोयला, मेटलर्जिकल कोक, रॉ पेट्रोलियम कोक, मैंगनीज अयस्क, अन्य अयस्क, फ्लाई ऐश, दालें, कंटेनर टन और टीईयू में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं कोलकाता डॉक सिस्टम की वृद्धि का श्रेय तैयार खाद, कोकिंग कोल, अन्य कोयला, दालें, मेटलर्जिकल कोक, अनाज, कंटेनर टन और टीईयू को जाता है।


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