स्वर्णरेखा नदी में मिला जिंदा बम, झारखंड पुलिस ने मांगी भारतीय सेना की मदद

News Saga Desk

झारखंड के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पानीपड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी में बीते दिन मिला शक्तिशाली बम “अमेरिकन मेड” बताया जा रहा है। इसकी गंभीरता को देखते हुए झारखंड पुलिस की बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) टीम ने इसे निष्क्रिय करने में असमर्थता जताई है। अब इस बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना की मदद ली जा रही है।

बम निरोधक दस्ते के प्रभारी नंदकिशोर सिंह के अनुसार, बम आकार में बड़ा और अत्यंत घातक है। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए इसे सामान्य प्रक्रिया से निष्क्रिय करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इसके लिए उच्च स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता है, जो केवल सेना के पास उपलब्ध है। इस संबंध में पुलिस द्वारा भारतीय सेना को पत्राचार किया गया है और टीम के जल्द मौके पर पहुंचने की उम्मीद है।

AN-M-64 मॉडल का 500 पाउंड बम, ‘Unexploded’ स्थिति में मिला

बम पर अंकित कोड और विवरण के आधार पर इसकी पहचान AN-M-64 500-LB मॉडल के रूप में की गई है। इसका वजन करीब 227 किलोग्राम (500 पाउंड) बताया जा रहा है। बम पर ‘Unexploded (UXO)’ लिखा हुआ है, जिसका अर्थ है कि यह जीवित बम है, जो गिराए जाने के समय विस्फोटित नहीं हुआ था।

सुरक्षा के मद्देनजर घटना स्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पुराने विमान हादसे या ऐतिहासिक घटनाक्रम से जुड़ाव की आशंका

विशेषज्ञों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह बम किसी पुराने सैन्य घटनाक्रम से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि महुलडांगरी के पास पूर्व में एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। आशंका है कि यह बम उसी विमान से गिरकर नदी की गीली मिट्टी में दब गया होगा।

कलाईकुंडा एयरबेस की निकटता को देखते हुए प्रशासन ने वहां के अधिकारियों को भी पत्र लिखकर तकनीकी जांच और पहचान में सहयोग मांगा है।

पहले भी स्वर्णरेखा नदी में मिल चुका है ऐसा बम

सूत्रों के मुताबिक, लगभग सात महीने पहले पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लापुर थाना क्षेत्र के आशुई के पास स्वर्णरेखा नदी में इसी तरह का बम मिला था। उस समय पश्चिम बंगाल प्रशासन ने कलाईकुंडा एयरफोर्स के अधिकारियों की मदद से उसे सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया था।

फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।

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