News Saga Desk
बिहार की राजनीति इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है। विधानसभा चुनाव के कुछ ही महीनों बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी गठबंधन ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की और नीतीश कुमार ने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. बीते लगभग दो दशकों से बिहार की राजनीति की धुरंधर बने हुए नीतीश कुमार को शपथ लिए हुए महज 105 दिन ही गुज़रे हैं और अब वह राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. उनके इस फ़ैसले ने कइयों को चौंकाया है, ख़ासकर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि वे अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन से ही राज्यसभा जाने की इच्छा रखते थे।उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन भी कर लिया है इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इसी बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से JDU की सदस्यता ले ली है। उनके पार्टी में शामिल होते ही यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या बिहार की राजनीति में अब परिवार की नई पीढ़ी की एंट्री हो रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक हर जगह यही चर्चा हो रही है कि आखिर एक मुख्यमंत्री, जिन्हें पद संभाले अभी महज तीन महीने हुए हैं, वे अचानक राज्यसभा की ओर क्यों रुख कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों और लोगों का मानना है कि इस फैसले के पीछे भारतीय जनता पार्टी का दबाव हो सकता है। उनका कहना है कि भाजपा बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है और इसी वजह से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि कहीं से नहीं हुई है, लेकिन यह चर्चा लगातार तेज हो रही है। दूसरी ओर, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब बिहार की राजनीति नए और अनुभवहीन हाथों में जाएगी। वहीं कई लोग इसे राजनीतिक विरासत के रूप में भी देख रहे हैं।
इधर मुख्यमंत्री पद को लेकर कई नामों की चर्चा भी तेज हो गई है। इनमें सबसे प्रमुख नाम बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
वहीं अब इस रेस में एक और नाम गूंज रहा है केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को भी मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कुछ राजनीतिक हलकों में उठने लगी है। उनके समर्थक मानते हैं कि युवा नेतृत्व के तौर पर चिराग पासवान बिहार की राजनीति में नई दिशा दे सकते हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा अब बड़े-बड़े नारों के साथ पोस्टर लगाए जा रहे हैं. जिसमें लिखा हुआ है कि ‘न दंगा हो न फसाद हो, बिहार का सीएम सिर्फ चिराग हो’. कार्यकर्ताओं की तरफ से कहा जा रहा है कि बिहार मांगे चिराग। शेखपुरा से पार्टी के जिलाध्यक्ष इमाम गजाली ने यह पोस्टर लगाया है. इसमें ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ लिखा है.
फिलहाल इन सभी चर्चाओं के बीच स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा और इस बदलाव का राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।
No Comment! Be the first one.