News Saga Desk
पटना। बिहार में डिजिटल कृषि निदेशालय के गठन की स्वीकृति मिल गई है। उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह निदेशालय कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और पारदर्शिता लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके माध्यम से किसानों के लिए डिजिटल मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड, पौधा संरक्षण कार्यों में ड्रोन तकनीक का उपयोग, तथा डिजिटल जनरल क्राप एस्टीमेशन सर्वे के अंतर्गत प्रत्येक फसल मौसम में फसल कटनी प्रयोगों का संचालन और आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा।
किसानों को सहयोग देगा यह निदेशालय
इसके साथ ही, डिजिटल क्राप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी यह निदेशालय तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। डिजिटल कृषि निदेशालय का एक अन्य उद्देश्य कृषि विभाग के अंतर्गत कार्यरत विभिन्न निदेशालयों, निगमों और संभागीय कार्यालयों द्वारा संचालित योजनाओं में आवश्यक डिजिटल आधारभूत संरचना, मोबाइल एप्लीकेशन और ई-गवर्नेंस टूल्स का विकास एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
यह प्रणाली न केवल योजनाओं के कार्यान्वयन की गति बढ़ाएगी, बल्कि किसानों तक सेवाओं की पहुंच भी अधिक प्रभावी बनाएगी। राज्य सरकार ने इस निदेशालय के माध्यम से ई-ऑफिस प्रणाली, पदाधिकारियों के वार्षिक मूल्यांकन प्रतिवेदन का डिजिटलीकरण, ई-डैशबोर्ड की स्थापना और कृषि से जुड़े अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाया है। इससे योजना निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक की प्रक्रिया में रियल टाइम मानीटरिंग और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी।
बड़हिया में शीघ्र खुलेगा क्षेत्रीय कृषि कार्यालय
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि लखीसराय जिला के बड़हिया के लिए सहायक निदेशक (शष्य)-सह-टाल विकास पदाधिकारी तथा सहायक निदेशक (शष्य) तेलहन के पद का सृजन किया गया है। शीघ्र ही बड़हिया में टाल एवं दियारा क्षेत्र में दलहन, तेलहन तथा अन्य फसलों के कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन हेतु एक क्षेत्रीय कार्यालय खोला जाएगा।
यह कार्यालय क्षेत्र में किसानों को दलहन, तेलहन अन्य फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने तथा किसानों को फसलों के पौधा संरक्षण परामर्श आदि का कार्य करेगा।
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