News Saga Desk
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को नालंदा जिले के राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका अत्यंत अहम है और पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने खुली जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। उन्होंने प्रशिक्षु अवर निरीक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और अनुभव को वे अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर ढंग से लागू करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करेंगे।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अवर निरीक्षकों को सम्मानित किया गया। अंकित कुमार को बेस्ट प्रोवेशनर ओवरऑल और इंडोर, रुपेश कुमार को बेस्ट प्रोवेशनर आउटडोर तथा मीना कुमारी को बेस्ट प्रोवेशनर परेड कमांडर का पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रशिक्षुओं को शपथ भी दिलाई गई।
इस मौके पर बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर की निदेशक श्रीमती आर. मलार विजी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें प्रतीक चिह्न भेंट किया। दीक्षांत समारोह से पहले मुख्यमंत्री ने अकादमी परिसर का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि अकादमी के विस्तार के लिए 22 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण को स्वीकृति दी गई है, जहां नया प्रशासनिक भवन, परेड मैदान, अधिकारियों के आवास और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 बैच के कुल 1218 पुलिस अवर निरीक्षकों ने बुनियादी प्रशिक्षण पूरा किया है, जिनमें 436 महिलाएं शामिल हैं। इसके साथ ही पहली बार नियुक्त तीन ट्रांसजेंडर अवर निरीक्षकों ने भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन सभी अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थापित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बिहार पुलिस अकादमी का गठन वर्ष 2008 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर किया गया था। राजगीर में 133 एकड़ भूमि पर स्थापित इस अकादमी का उद्घाटन 3 दिसंबर 2018 को हुआ था। यहां आईपीएस, बिहार पुलिस सेवा के अधिकारी और अवर निरीक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। अकादमी में आधुनिक प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र, पुस्तकालय, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, आवास, स्वीमिंग पूल और परेड मैदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा 1100 सीटों वाला कॉन्फ्रेंस भवन और 4000 सिपाहियों के लिए बैरक व कक्षा कक्षों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
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