News Saga Desk
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेताओं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर लगे आरोपों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कह दिया है कि यदि उनके पास इन आरोपों का जवाब नहीं है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
दरअसल मामला प्रशांत किशोर के ‘जन सुराज’ अभियान के दौरान लगाए गए गंभीर आरोपों से शुरू हुआ। जब प्रशांत किशोर ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘सातवीं पास’ बताकर उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाये थे और उन पर 1998 के एक हत्याकांड में शामिल होने का आरोप भी लगाया था। इसके साथ ही, उन्होंने भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
जिसके बाद भजपा के नेताओं की चुप्पी पर आरके सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “प्रशांत किशोर बार-बार कहता है कि उप-मुख्यमंत्री सातवीं फेल है। भाई मैट्रिक और ग्रेजुएशन का डिग्री दिखा देना चाहिए। ये सरकार और पार्टी की साख पर सवाल पैदा करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर आरोप झूठे हैं, तो नेताओं को सामने आकर सफाई देनी चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर कहा, “अगर उनके पास उत्तर है तो उसका उत्तर देना चाहिए। और नहीं तो बता दें कि हमारे पास उत्तर नहीं है। और उत्तर है तो मानहानि का केस कर देना चाहिए।”
बिहार की राजनीति में इससे भी बड़ा झटका तब लगा जब आरके सिंह ने साफतौर पर कहा कि अगर नेता आरोपों का जवाब नहीं दे सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। आरके सिंह के इस बयान ने बिहार बीजेपी में हलचल मचा दी है। फ़िलहाल इस मामले पर अब तक बीजेपी के शीर्ष नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इस बयान ने अब नया सिय्सी हलचल पैदा कर दी है।
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