बांका: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच एक दिलचस्प घटना सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया। भवन निर्माण मंत्री और जदयू उम्मीदवार जयंत राज शुक्रवार को सिर्फ एक मिनट की देरी से पहुंचे और इसी वजह से अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सके।
घटना बांका जिले के अमरपुर विधानसभा क्षेत्र की है, जहां जयंत राज अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ लाव-लश्कर में नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे। पूरे जोश और जनसमर्थन के बीच जैसे ही वे कार्यालय पहुंचे, समयसीमा समाप्त हो चुकी थी।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि तय समय के बाद नामांकन स्वीकार नहीं किया जा सकता। मंत्री जी भी नियमों का सम्मान करते हुए मुस्कुराकर बाहर निकल गए।
जयंत राज ने कहा —
“एक मिनट लेट हो गया, लेकिन नियम तो सबके लिए एक जैसा है। चुनाव आयोग का जो आदेश है, उसे मानना ही पड़ेगा। अब शनिवार को नामांकन करेंगे।”
हालांकि उन्हें ज्यादा चिंता नहीं है, क्योंकि अमरपुर सीट पर मतदान दूसरे चरण में 11 नवंबर को होना है। ऐसे में उनके पास 20 अक्टूबर (सोमवार) तक नामांकन दाखिल करने का समय बचा है।
गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में जयंत राज ने अमरपुर सीट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र सिंह को 3114 मतों के अंतर से हराया था। जयंत राज को कुल 54,308 वोट मिले थे, जबकि जितेंद्र सिंह को 51,194 वोट प्राप्त हुए थे।
बांका की इस “एक मिनट वाली कहानी” ने अब पूरे बिहार में चुनावी चर्चा को और दिलचस्प बना दिया है — क्योंकि यहां मंत्री जी को भी “समय” ने सिखा दिया कि चुनाव आयोग के सामने सब बराबर हैं।
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