News Saga Desk
रांची: ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा केंद्र सरकार की कथित मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ बुलाए गए देशव्यापी भारत बंद और हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को रांची में प्रदर्शन किया गया। भारतीय पथ विक्रेता संघ के बैनर तले पथ विक्रेताओं ने मेन रोड स्थित फिराया लाल चौक पर सड़क जाम कर विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसान, मजदूर और फुटपाथ दुकानदार लगातार उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स (संरक्षण) कानून लागू किया गया था और 2017 में झारखंड की योजना भी तैयार की गई थी। इसके तहत सभी पथ विक्रेताओं का सर्वे, सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग का वितरण और टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) का गठन किया जाना था।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नौ साल बीत जाने के बावजूद न तो नियमित सर्वे कराया गया और न ही सभी विक्रेताओं को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के बजाय फुटपाथ दुकानदारों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और बुलडोजर चलाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान हाल ही में प्रस्तावित चार नए लेबर कोड का भी विरोध किया गया। उनका कहना था कि इन प्रावधानों से मजदूरों पर 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम करने का दबाव बढ़ सकता है और नियोक्ताओं को अधिक सुविधाएं मिलेंगी, जबकि कर्मचारियों के अधिकार कमजोर होंगे।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि किसान, मजदूर और पथ विक्रेताओं को उनके कानूनी अधिकार सुनिश्चित किए जाएं तथा उनके खिलाफ हो रही कथित गैरकानूनी और दमनात्मक कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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