पटना। बिहार की सियासत से जुड़े दो बाहुबली नेताओं—पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और पूर्व विधायक विजय कुमार उर्फ मुन्ना शुक्ला—को 28 साल पुराने बबलू श्रीवास्तव हत्याकांड में बड़ी राहत मिली है। हाजीपुर की अदालत ने सबूतों के अभाव में दोनों को बाइज्जत बरी कर दिया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) उमेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। यह मामला वर्ष 1997 में वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के पटेढ़ा अख्तियारपुर गांव के पास हुई उस घटना से जुड़ा है, जब हाजीपुर जेल से पेशी के लिए मुजफ्फरपुर कोर्ट लाए जा रहे कुख्यात बंदी बबलू श्रीवास्तव पर अज्ञात हमलावरों ने पुलिस वैन पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में बबलू श्रीवास्तव समेत तीन सुरक्षाकर्मी मौके पर ही मारे गए थे।
घटना के बाद इस हत्याकांड में सूरजभान सिंह और मुन्ना शुक्ला को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा।
मुन्ना शुक्ला इस समय पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में सजा काट रहे हैं। फैसले के बाद उनके परिजनों ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया। परिवार का कहना है कि बबलू श्रीवास्तव, मुन्ना शुक्ला के भाई भुटकुन शुक्ला की हत्या का आरोपी था और इसी विवाद के चलते दोनों नेताओं को साजिशन इस केस में फंसाया गया था।
अब अदालत के फैसले के बाद दोनों नेताओं को 28 साल पुराने इस चर्चित मामले से राहत मिल गई है।
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