News Saga Desk
पटना। राजद नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को प्रेस-वार्ता कर भाजपा पर एक बार फिर वोट की डकैती का आरोप लगाया है। बिहार भाजपा के संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के लोग भी बिहार में मतदाता बन रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने मुजफ्फरपुर के मेयर निर्मला देवी के दो देवरों के पास दो-दो मतदाता पहचान-पत्र (ईपिक) होने का आरोप लगाया है।
तेजस्वी ने मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का मुद्दा भी उठाया। कहा कि जिन लोगों को मृत घोषित किया गया था, वे कोर्ट में पेश हो रहे हैं। फिर भी निर्वाचन आयोग ने अब तक कोई प्रेस-वार्ता नहीं की। वस्तुत: भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए जिंदा लोगों को मृत बताया जा रहा है और भाजपा के लोगों के नाम कई जगहों पर मतदाता-सूची में सम्मिलित किए जा रहे हैं। लोग इसे ‘मोदी का करिश्मा’ कहते हैं, लेकिन यह भाजपा के इशारे पर वोट की डकैती है। उन्होंने दावा किया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में भी राजद के साथ वोट की चोरी हुई थी। पार्टी को कई सीटों पर कुछेक वोटों से हराया गया था।
मुजफ्फरपुर में बूथ नंबर 257 का उल्लेख करते हुए तेजस्वी ने कहा कि वहां की मेयर के दो देवरों (दिलीप कुमार और मनोज कुमार) के पास दो-दो ईपिक हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर पर तस्वीरें और ईपिक नंबर भी दिखाए। कहा कि दलसानिया पहले गुजरात में वोट देते थे, लेकिन अब उन्होंने वहां से नाम कटवा लिया है और बिहार में वोट देने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा के लोग अपने अस्तित्व को बचाने के लिए किसी स्तर पर भी उतरकर लड़ाई लड़ेंगे। अगर मैंने पर्दाफाश नहीं किया होता तो उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा का नाम मतदाता-सूची में एक जगह से नहीं कटता। प्रश्न यह कि सिन्हा को मात्र एक जिले से नोटिस क्यों आया, जबकि उन्होंने दो जिलों में अपराध किया है। उल्लेखनीय है कि सिन्हा का नाम लखीसराय के साथ बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता-सूची में दर्ज है। तेजस्वी ने इसका आरोप लगाया था।
साक्ष्य के साथ सिन्हा बता चुके हैं कि बांकीपुर से नाम हटाने के लिए वे पांच अगस्त को ही आवेदन कर चुके हैं। इसके लिए उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले भी आवेदन किया था, लेकिन निर्वाचन आयोग की तकनीकी देरी से तब नाम नहीं हटा।
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