News Saga Desk
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान खरीद के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एमएसपी पर धान की खरीद में राज्य सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है।
बाबूलाल मरांडी ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन 3 फरवरी तक मात्र 19 लाख 80 हजार 216 क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी है। उन्होंने कहा कि धान खरीद की समय-सीमा 15 मार्च तक तय की गई है, बावजूद इसके खरीद की रफ्तार बेहद धीमी है।
उन्होंने यह भी बताया कि एमएसपी पर धान बिक्री के लिए राज्य में कुल 2 लाख 79 हजार किसान पंजीकृत हैं, जबकि अब तक केवल 35 हजार 547 किसानों ने ही धान की बिक्री की है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सरकार किसानों से धान खरीदने में गंभीर नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जब किसान धान बेचने के लिए लैंप्स और पैक्स जाते हैं तो उन्हें अलग-अलग कारणों से वापस लौटा दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दलालों के माध्यम से 15 मार्च तक 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने की तैयारी कर रही है, जो सीधे तौर पर किसानों के हितों के खिलाफ है।
No Comment! Be the first one.