News Saga Desk
दुबई में फंसे झारखंड के 14 प्रवासी मजदूरों में से 11 मजदूरों की बुधवार यानी 11 फरवरी 2026 को सकुशल वतन वापसी हो गई। प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य कर रहे समाजसेवी सिकंदर अली मजदूरों को रिसीव करने के लिए कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे।
वतन लौटने के बाद मजदूरों ने कहा कि यदि अपने राज्य और देश में ही बेहतर रोजगार की व्यवस्था हो जाए, तो उन्हें विदेश जाने की मजबूरी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरन विदेश जाना पड़ता है। मजदूरों की सुरक्षित वापसी पर परिजनों ने राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ समाजसेवी सिकंदर अली के प्रति आभार जताया।
जानकारी के अनुसार सभी मजदूर अक्टूबर 2025 में ईएमसी कंपनी के तहत ट्रांसमिशन लाइन में काम करने के लिए दुबई गए थे। वहां उन्हें निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था और उनसे तय समय से अधिक काम लिया जा रहा था। इसके कारण उन्हें रहने और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। फंसे मजदूरों ने अपनी स्थिति बताते हुए एक वीडियो के माध्यम से सरकार से मदद की अपील की थी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद झारखंड सरकार और केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए मजदूरों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराई। समाजसेवी सिकंदर अली ने कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में लोगों को विदेश जाना पड़ता है, जहां कई बार उन्हें कठिन और पीड़ादायक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से राज्य में बेहतर रोजगार के अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वतन लौटने वाले मजदूरों में हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ और बरकट्ठा प्रखंड के श्रमिक, गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के मजदूर तथा बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड के एक श्रमिक शामिल हैं। सभी मजदूरों के सुरक्षित लौटने से उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।
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