News Saga Desk
रांची में खेले गए पहले वनडे में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मैच में विराट कोहली का 135 रन का दमदार शतक और कुलदीप यादव–हर्षित राणा की शानदार गेंदबाजी ने जीत की बुनियाद रखी। मुकाबले के बाद कप्तान केएल राहुल ने टीम के प्रदर्शन, दबाव की स्थिति और RO-KO (रोहित-विराट) की साझेदारी पर खुलकर बात की।
दबाव में जीत—राहुल की साफ स्वीकृति
केएल राहुल ने स्वीकार किया कि यह मैच आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि कप्तानी करते हुए लंबे समय बाद वनडे खेलना चुनौती भरा अनुभव था। राहुल के अनुसार दक्षिण अफ्रीका ने पूरा मुकाबला टेंशन में रखा और हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी।
“ऐसे मैच खिलाड़ी की क्षमता और मानसिक संतुलन दोनों की परीक्षा लेते हैं”—राहुल ने कहा।
RO-KO की बल्लेबाजी पर कप्तान का बड़ा बयान
राहुल ने रोहित शर्मा और विराट कोहली की बल्लेबाजी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों दिग्गजों को इस अंदाज में खेलते देखना प्रेरणा देता है।
राहुल ने कहा—
“कोहली का शतक सिर्फ रन नहीं था, यह उदाहरण था कि दबाव को कैसे हराया जाता है।”
कोहली का तूफानी शतक
विराट कोहली ने 120 गेंदों पर 135 रन ठोकते हुए 11 चौके और 7 छक्के लगाए। रोहित के साथ उनकी 136 रन की साझेदारी भारत की मजबूत नींव बनी। यह उनका 52वां वनडे शतक भी रहा, जिसने साबित किया कि वह अब भी भारत की सबसे बड़ी रीढ़ हैं।
कुलदीप-हर्षित ने पलटा मैच
कुलदीप यादव ने 4 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजों को जकड़ लिया, जबकि युवा हर्षित राणा ने 3 विकेट लेकर अहम मौके पर मैच भारत की ओर मोड़ दिया।
राहुल ने उनकी तारीफ करते हुए कहा—
“जब वह टीम में आए तो महसूस हुआ कि उनमें कुछ खास है।”
उन्होंने माना कि हर्षित अभी सीख रहे हैं लेकिन भविष्य में बड़े मैच जीताने की क्षमता रखते हैं।
अफ्रीका की वापसी, पर जीत भारत की
दक्षिण अफ्रीका ने 11 रन पर तीन विकेट खोने के बाद मुकाबले को रोमांचक बनाया। बीट्जके, यानसन और बॉश के अर्धशतकों ने मैच को आखिरी तक जिंदा रखा, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने संयम बनाए रखा और उन्हें 332 पर रोक दिया। अंतिम विकेट प्रसिद्ध कृष्णा ने लिया और भारत ने जीत अपने नाम कर ली।
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