तिरंगे के तीन रंगों में छुपा भारत का गौरव, सम्मान और बलिदान का अमर संदेश

News Saga Desk

15 अगस्त यानी कि स्वतंत्रता दिवस आने ही वाला है। यही वो दिन है जब हमारे देश को आजादी मिली थी। इस दिन स्कूलों, सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में झंडा रोहण किया जाता है। साथ ही राष्ट्रगान गाया जाता है। स्कूलों में कई तरह के प्रोग्राम भी किए जाते हैं। आपको बता दें कि राष्ट्रीय ध्वज, जिसे हम झंडा कहते हैं, किसी भी देश का ऐसा प्रतीक होता है जिसके प्रति लोग सम्मान का भाव रखते हैं।

भारत की बात करें तो जब भी तिरंगा लहराता है तो सीनस गर्व से चौड़ा हो जाता है। हर कोई दिल से खुशी महसूस करता है। ये सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि हमारे देश की आजादी, एकता और पहचान का प्रतीक माना जाता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि तिरंगे में तीन रंग होते हें। केसरिया, सफेद और हरा। इन तीनों रंगों का अपना ही महत्व है। कई लोग इन रंगों के अलग-अलग मतलब निकालते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन रंगों का वाकई में क्या मतलब होता है?

अगर नहीं ताे आपको हमारा ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि इन रंगों का क्या मतलब होता है। साथ ही तिरंगे के आकार के बारे में भी जानेंगे। आइए एक नजर डालते हैं-

त‍िरंगे में होते हैं तीन रंग

आपको बता दें कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज एक हॉरिजॉन्टल तिरंगा है। इसमें तीन रंग होते हैं। सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीचे हरा रंग होता है। ये तीनों पट्टियां बराबर शेप में होती हैं। झंडे की लंबाई और चौड़ाई की बात करें तो इसका अनुपात 3:2 है। सफेद पट्टी के बीच में गहरे नीले रंग का एक चक्र बना होता है। इसे ही हम अशोक चक्र कहते हैं।

केसरिया रंग का मतलब

तिरंगे के सबसे ऊपर केसरिया रंग होता है। ये रंग देश की ताकत और साहस को दिखाता है। ये हमें याद दिलाता है कि किसी भी मुश्किल घड़ी में हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। बल्कि डट कर उसका सामना करना चाहिए। ये रंग बलिदान और देशभक्ति की भावना का भी प्रतीक माना जाता है।

सफेद रंग का मतलब

झंडे के बीच की सफेद पट्टी शांति और सच्चाई का प्रतीक मानी जाती है। इसमें बना अशोक चक्र धर्म, सच और न्याय के रास्ते पर चलने की सीख देता है। सफेद रंग से हमें ये सीख मिलती है कि विकास और प्रगति के साथ-साथ शांति और ईमानदारी भी उतनी ही जरूरी है।

हरा रंग का मतलब

तिरंगे में सबसे नीचे का रंग हरा होता है ये हमारे देश की जमीन की खेती, विकास और भलाई को दिखाता है। ये रंग हमें पेड़-पौधों और नेचर की अहमियत बताता है। इससे हमें ये सीख मिलती है कि हमें अपने आसपास हरियाली बनाए रखनी चाहिए।

क्या है अशोक चक्र की खासियत?

जो सफेद पट्टी के बीच में गहरे नीले रंग का चक्र बना होता है, उसे अशोक चक्र कहते हैं। ये अशोक स्तंभ के सिंह स्तंभ (सारनाथ) पर बने चक्र से लिया गया है। इसमें 24 तीलियां (स्पोक्स) होती हैं। जो साल के 24 घंटे का प्रतीक हैं। ये हमें सिखाता है कि अपनी लाइफ में आगे बढ़ते रहना चाहिए और कर्म करते रहना चाहिए। तभी सफलता मिलेगी।

कब तिरंगे को अपनाया गया?

आपको बता दें कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज के इस डिजाइन को 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने अपनाया था। तब से ये हमारे देश की आजादी और गौरव का प्रतीक बना हुआ है। आज जब हम स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे को सलामी देते हैं, तो हमें ये याद रखना चाहिए कि ये ध्वज सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों के बलिदानसें की याद दिलाता है।


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