News Saga Desk
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट पेश करते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत रोडमैप प्रस्तुत किया। इस बजट में आर्थिक विकास को गति देने, बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी क्षेत्रों को मजबूती देने पर विशेष फोकस किया गया है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि सरकार का उद्देश्य समावेशी विकास के साथ-साथ दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है। इसके लिए पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी की गई है, जिससे सड़कों, रेल, ऊर्जा और शहरी विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
आम बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। इसके तहत हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, औद्योगिक कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक नेटवर्क के विस्तार की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि इससे निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन, बायो-फार्मा और फार्मास्युटिकल उद्योग को प्राथमिकता दी गई है। भारत को दवा उत्पादन का वैश्विक हब बनाने के उद्देश्य से बायो-फार्मा सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। साथ ही क्लीनिकल ट्रायल के लिए देशभर में 1000 नए केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव है, जिस पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
MSME सेक्टर के लिए राहत
छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एसएमई ग्रोथ फंड, आसान ऋण व्यवस्था और वित्तीय सहायता योजनाएं शुरू की गई हैं। सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय उद्योग मजबूत होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं की शुरुआत की जाएगी। किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। पशुपालन, मत्स्य पालन और ग्रामीण आजीविका योजनाओं को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़ा निवेश
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च और ट्रेनिंग पर जोर दिया गया है। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। शिक्षा क्षेत्र में खासकर छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में हॉस्टल निर्माण की घोषणा की गई है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज की लड़कियों को पढ़ाई में सुविधा मिलेगी।
रोजगार और सामाजिक कल्याण
बजट में रोजगार सृजन को केंद्र में रखा गया है। टेक्सटाइल, स्वास्थ्य, निर्माण और सेवा क्षेत्र को ऐसे सेक्टर के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां तेजी से रोजगार पैदा किए जा सकते हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना सहित अन्य सामाजिक योजनाओं को भी जारी रखने का प्रावधान किया गया है।
वित्तीय अनुशासन पर जोर
सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने का लक्ष्य दोहराया है। बजट में वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास और कल्याण योजनाओं के बीच संतुलन साधने का प्रयास किया गया है।
कुल मिलाकर आम बजट को विकास-उन्मुख और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बताया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर केंद्रित यह बजट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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