News Saga Desk
पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन तीखे राजनीतिक टकराव के नाम रहा। बच्चियों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और हालिया आपराधिक घटनाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस और हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही राजद सदस्यों ने विरोध जताया, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही।
दरभंगा में छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को उठाते हुए राजद एमएलसी सुनील सिंह ने राज्य में बढ़ते अपराध पर चिंता जताई। उन्होंने पटना, आरा और खगड़िया की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारेबाजी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में ठोस काम किए हैं। उन्होंने पूर्व सरकारों के कामकाज पर भी सवाल उठाए।
लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल शुरू नहीं हो सका और विधान परिषद की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
सदन के बाहर भी राजनीतिक गर्मी देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने NEET छात्रा की मौत और सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस बीच सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल राज्य में नए जिलों के गठन का कोई प्रस्ताव नहीं है। साथ ही विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर भी सदन में सवाल-जवाब हुए।
पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि बजट सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था और बच्चियों की सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है, और आने वाले दिनों में सत्ता-विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के संकेत हैं।
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