News Saga Desk
राजधानी रांची में नगर निगम द्वारा वेंडर मार्केट की दुकानों की री-लॉटरी के फैसले के विरोध में बुधवार को दुकानों को बंद रखा गया। हालांकि, इस मुद्दे पर वेंडर मार्केट के दुकानदार दो गुटों में बंटे नजर आए। जहां कुछ दुकानदार निगम के फैसले का विरोध कर रहे हैं, वहीं कुछ इसका समर्थन भी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में वेंडर मार्केट के पीछे के हिस्से में जिन दुकानदारों को दुकानें आवंटित की गई थीं, वे री-लॉटरी के पक्ष में हैं। वहीं, अधिकांश दुकानदार इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और इसे अपने साथ अन्याय बता रहे हैं।
विरोध कर रहे दुकानदारों का कहना है कि वर्ष 2019 में नगर निगम ने तीन वर्षों के लिए दुकानों का आवंटन किया था और अवधि पूरी होने के बाद इसे नवीनीकृत किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि नवीनीकरण करने के बजाय निगम द्वारा री-लॉटरी कराना गलत है और इससे उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा।
इधर, रांची नगर निगम ने 31 जनवरी 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि सर्जना चौक से कचहरी चौक तक फुटपाथ पर बैठने वाले विक्रेताओं को वर्ष 2019 में अटल स्मृति वेंडर मार्केट में लॉटरी के माध्यम से स्थान आवंटित किया गया था। निगम के अनुसार, एकरारनामा की शर्तों और सरकारी नियमों के तहत 7 जनवरी को प्रशासक की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद दुकानों की री-लॉटरी कराने का निर्णय लिया गया।
वहीं, कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि निगम के अधिकारियों की कुछ लोगों के साथ मिलीभगत के कारण यह निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि आवंटन के समय उन्हें स्थायी दुकान का आश्वासन दिया गया था और वर्तमान निर्णय उनके हित में नहीं है।
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