News Saga Desk
पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी और दक्षिण-पूर्व से आ रही नम हवाओं के असर से झारखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के 14 जिलों में अगले तीन दिनों तक घना कोहरा और धुंध छाए रहने की संभावना है। इनमें रांची, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर और जामताड़ा शामिल हैं। यह स्थिति 22 दिसंबर तक बनी रह सकती है।
मौसम में आए इस बदलाव के साथ शीतलहरी चलने की भी आशंका जताई गई है। रांची समेत नौ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और वाहन चालकों व पैदल यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
धूप में भी बढ़ी कनकनी, विजिबिलिटी घटी
राज्य में धूप निकलने के बावजूद हवा में नमी के कारण ठंड और कनकनी बढ़ गई है। सुबह और रात के समय घना कुहासा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। शुक्रवार को रांची में विजिबिलिटी 650 मीटर दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर में यह घटकर 150 मीटर तक पहुंच गई। जमशेदपुर में दृश्यता 800 मीटर और देवघर में 200 मीटर रही।
ठंड से जान का नुकसान
ठंड का असर जानलेवा भी साबित हो रहा है। शुक्रवार को हजारीबाग में ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी की ठंड से मौत हो गई। बरकट्ठा थाना में पदस्थापित एएसआइ जूलियस मरांडी (45) की तबीयत रात में बिगड़ गई थी। सुबह नहीं उठने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं पलामू जिले में ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोने के दौरान दम घुटने से दो लोगों की मौत हो गई।
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक घना कोहरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि घना कोहरा और धुंध स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। कोहरे में मौजूद सूक्ष्म कण और प्रदूषक तत्व सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंचकर दिक्कतें पैदा कर सकते हैं। इससे खांसी, गले में घरघराहट और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। आंखों में जलन, लालिमा और सूजन की शिकायत भी बढ़ सकती है।
हवाई और रेल यातायात प्रभावित
कुहासे का असर परिवहन व्यवस्था पर भी दिखा। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से 14 उड़ानें विलंब से रवाना हुईं। इंडिगो की रांची-दिल्ली और एयर इंडिया एक्सप्रेस की रांची-बेंगलुरु व रांची-दिल्ली की दो उड़ानें रद्द कर दी गईं। वहीं कई ट्रेनें घंटों देरी से रांची पहुंचीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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