खेल से बनता है अनुशासन और आत्मविश्वास: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार

News Saga Desk

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को धनबाद जिले के सरस्वती विद्या मंदिर, रतनपुर (टुंडी) में आयोजित प्रांतीय खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए विद्यार्थियों की खेल भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि खेलकूद केवल पदक या पुरस्कार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह जीवन मूल्यों का सशक्त माध्यम है। खेल बच्चों को अनुशासन सिखाते हैं, हार को सहजता से स्वीकार करने और जीत को विनम्रता के साथ अपनाने की सीख देते हैं। इससे सहयोग, नेतृत्व, समय-प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे गुण विकसित होते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बचपन से खेलों के प्रति रुचि विकसित करना एक स्वस्थ और आत्मविश्वासी समाज की मजबूत नींव है।

राज्यपाल ने विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध विद्या विकास समिति, झारखण्ड के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के संवर्धन के लिए सराहनीय प्रयास कर रही है। उन्होंने खुशी जताई कि शहरी, ग्रामीण, जनजातीय और उपेक्षित क्षेत्रों के बच्चे बड़ी संख्या में इन संस्थानों में अध्ययन कर अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वनवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार चुनौतियों से भरा रहा है, लेकिन जब कोई संगठन नि:स्वार्थ भाव से शिक्षा का दीप जलाता है, तो वह केवल विद्यालय नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। 18 दिसंबर से शुरू हुई इस प्रांतीय खेलकूद प्रतियोगिता में करीब 500 प्रतिभागियों की सहभागिता बच्चों में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों से देश में खेलों को नई दिशा मिली है और हाल ही में घोषित राष्ट्रीय खेल नीति–2025 भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने झारखण्ड की खेल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य खेल प्रतिभाओं से समृद्ध रहा है। क्रिकेट में महेंद्र सिंह धौनी, तीरंदाजी में दीपिका कुमारी और पूर्णिमा महतो, तथा हॉकी में सलिमा टेटे और निक्की प्रधान जैसी खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलिमा टेटे झारखण्ड की बेटी हैं।

समापन में राज्यपाल ने कहा कि झारखण्ड की मिट्टी में संघर्ष, परिश्रम और समर्पण की भावना रची-बसी है। आवश्यकता है कि विद्यालय स्तर से ही बच्चों को उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले अनेक खिलाड़ी भविष्य में राज्य और देश को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

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