News Saga Desk
झारखंड के जमशेदपुर स्थित बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात कारोबारी पुत्र कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े तीन अपराधियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ साईं मंदिर जाने वाले मार्ग पर नाला के पास उस समय हुई, जब पुलिस हथियारों की बरामदगी के लिए आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंची थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों अपराधी गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हथियार रिकवरी के दौरान बिगड़े हालात
पुलिस के अनुसार, बिहार के नालंदा जिले से गिरफ्तार किए गए रमेश राजा, गुड्डू सिंह और मोहम्मद इमरान को हथियारों की बरामदगी के लिए बिष्टुपुर थाना पुलिस साईं मंदिर के पास नाला क्षेत्र में लेकर पहुंची थी। आरोपियों ने दावा किया था कि अपहरण की वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार इसी इलाके में छिपाकर रखे गए हैं। इसी दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई और आरोपियों ने पुलिस पर हमला करने का प्रयास किया।
पुलिस जवान से छीनी कार्बाइन, छह राउंड फायरिंग
पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंचते ही आरोपियों ने एक पुलिस जवान की कार्बाइन राइफल छीन ली और पुलिस टीम पर करीब छह राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े।
घायल अपराधियों का इलाज जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों घायल अपराधियों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्हें गंभीर हालत में टीएमएच और एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी पुलिस अधिकारी या जवान को कोई चोट नहीं आई।
घटनास्थल से दो पिस्तौल बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से दो पिस्तौल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है कि उनका इस्तेमाल पूर्व में किन-किन आपराधिक वारदातों में किया गया था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुट गई है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय और सिटी एसपी कुमार शिवाशीष सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरी कार्रवाई की जानकारी ली और मुठभेड़ में साहस दिखाने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना की।
अपहरण कांड की जांच में अहम कड़ी
पुलिस के मुताबिक, यह मुठभेड़ कैरव गांधी अपहरण कांड की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। पूछताछ के दौरान इन अपराधियों से कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से अपहरण कांड के पीछे सक्रिय गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता मिलेगी।
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