उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामला: 166 आरोपी कोर्ट में पेश

News Saga Desk

उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 166 आरोपियों को आज रांची सिविल कोर्ट में पेश किया गया। सभी आरोपियों को पांच बसों के माध्यम से कोर्ट परिसर लाया गया और ए.जे.सी.-1 योगेश कुमार की अदालत में प्रस्तुत किया गया। आरोपियों की पेशी 25-25 के समूह में कराई गई।

छापेमारी में हुआ था बड़ा खुलासा

जानकारी के अनुसार, 11 अप्रैल की देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा हुआ है। सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी दल ने मौके पर कार्रवाई की, जहां करीब 159 अभ्यर्थी मौजूद पाए गए। छापेमारी के दौरान पुलिस को देखते ही कई लोग भागने लगे, हालांकि टीम ने मौके से 160 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

166 के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी

इस मामले में कुल 166 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 152 पुरुष अभ्यर्थी, 7 महिला अभ्यर्थी और 5 गैंग सरगना एवं अन्य आरोपी शामिल हैं।

अंतरराज्यीय गिरोह का भी खुलासा

पुलिस जांच में अंतरराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह का भी खुलासा हुआ है। इस गिरोह के सरगना के रूप में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं। इसके अलावा, इस कार्रवाई में सात महिला आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि यह कार्रवाई तमाड़ के रंगामाटी इलाके में की गई, जहां एक हॉल में बड़ी संख्या में युवक मौजूद थे। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस ने 11 अप्रैल की रात छापेमारी की। हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए विभिन्न जिलों से रांची पहुंचे थे। लेकिन देर रात एक साथ उनकी मौजूदगी ने पुलिस को संदेह में डाल दिया। मौके से कई दस्तावेज और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गैंग ने अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के लिए 15-15 लाख रुपये तक की डील की थी। कई अभ्यर्थियों ने अग्रिम भुगतान के रूप में बैंक चेक भी दिए थे। गैंग के एजेंट अभ्यर्थियों को रड़गांव में एकत्र कर उन्हें संभावित प्रश्नों के उत्तर रटवा रहे थे। इसके साथ ही उनके मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड भी अपने पास रख लिए गए थे, ताकि कोई जानकारी बाहर न जा सके।

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