News Saga Desk
टेक कंपनी Meta ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप के लिए नए ‘प्लस’ सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च किए हैं। कंपनी ने इसके साथ ही डुप्लीकेट कंटेंट और AI से बनाए गए लो-क्वालिटी वीडियो पर सख्त कार्रवाई शुरू करने का भी ऐलान किया है।
Meta का कहना है कि इन नए कदमों का उद्देश्य ओरिजिनल क्रिएटर्स को बढ़ावा देना और प्लेटफॉर्म पर बेहतर कंटेंट उपलब्ध कराना है।
इंस्टाग्राम और फेसबुक के लिए नया प्लसप्लान
Meta ने इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस नाम से नए प्रीमियम प्लान पेश किए हैं। इनकी कीमत लगभग 3.99 डॉलर यानी करीब 380 रुपये प्रति माह रखी गई है।
इन प्लान्स में क्रिएटर्स को अतिरिक्त फीचर्स मिलेंगे, जिनमें यह देखने की सुविधा शामिल है कि उनकी स्टोरी कितने लोगों ने दोबारा देखी।
व्हाट्सएप प्लस भी लॉन्च
कंपनी ने व्हाट्सएप प्लस प्लान भी पेश किया है, जिसकी कीमत लगभग 2.99 डॉलर यानी करीब 280 रुपये प्रति माह बताई जा रही है।
हालांकि Meta ने स्पष्ट किया है कि ये प्लान्स मौजूदा मेटा सत्यापित सब्सक्रिप्शन की जगह नहीं लेंगे, बल्कि यूजर्स और क्रिएटर्स को अतिरिक्त टूल्स और फीचर्स उपलब्ध कराएंगे।
डुप्लीकेट और AI कंटेंट पर कार्रवाई
Meta ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। अगर कोई यूजर दूसरे की वीडियो डाउनलोड करके उस पर अपना वाटरमार्क लगाकर दोबारा पोस्ट करता है या सिर्फ ऑटो-कैप्शन और घटिया AI टूल्स के जरिए कंटेंट तैयार करता है, तो ऐसे अकाउंट्स की Reach कम की जा सकती है। साथ ही उनका मोनेटाइजेशन भी बंद किया जा सकता है।
कंपनी ने बताया कि अब एडवांस AI टूल्स के जरिए डुप्लीकेट वीडियो की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा, ताकि ओरिजिनल क्रिएटर्स को प्राथमिकता मिल सके।
विज्ञापनदाताओं के लिए भी नए नियम
Meta ने वित्तीय उत्पाद, आवास, रोजगार और सामाजिक मुद्दे से जुड़े विज्ञापनों के लिए भी नियम सख्त कर दिए हैं।
अब ऐसे विज्ञापन चलाने वाले एडवर्टाइजर्स को “विशेष विज्ञापन श्रेणी” चुनना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर विज्ञापन तुरंत रिजेक्ट कर दिए जाएंगे।
Meta AI और डेटा प्राइवेसी पर सवाल
Meta AI को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार व्हाट्सएप पर Meta AI के साथ की गई बातचीत एंड-टू-एंडएन्क्रिप्टेड नहीं होती है।
ऐसे में Meta इन चैट्स का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग के लिए कर सकता है। इससे यूजर्स की डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
Meta के इन नए बदलावों को सोशल मीडिया इंडस्ट्री में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यूजर्स और क्रिएटर्स इन नए फीचर्स और नियमों को कितना अपनाते हैं।
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