आज के दौर में बच्चों की सुरक्षा केवल घर और स्कूल तक सीमित नहीं रह गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता को बच्चों को एक “सेफ कोड” या गुप्त सुरक्षा शब्द सिखाना चाहिए। यह ऐसा खास शब्द या वाक्य होता है जिसे केवल परिवार के सदस्य जानते हैं। यदि कभी कोई अनजान व्यक्ति बच्चे को लेने आए या किसी आपात स्थिति का दावा करे, तो बच्चा उससे यह कोड पूछ सकता है। सही कोड न बता पाने पर बच्चा सतर्क हो जाएगा और मदद मांगेगा।
यह तरीका बच्चों को अपहरण, धोखाधड़ी और अन्य संभावित खतरों से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही बच्चों को यह भी सिखाना जरूरी है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ न जाएं, अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी भी असहज स्थिति की जानकारी तुरंत माता-पिता या भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सही प्रशिक्षण सबसे प्रभावी हथियार हैं। एक छोटा-सा “सेफ कोड” बच्चों के लिए बड़ी सुरक्षा का साधन बन सकता है।

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