RIMS-2 Ranchi परियोजना को हेमंत कैबिनेट से 4,189 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली। जानें अस्पताल निर्माण, सरकारी फैसलों और अन्य अहम कैबिनेट निर्णयों की पूरी जानकारी।
झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में RIMS-2 Ranchi परियोजना के निर्माण के लिए 4,189 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई। लंबे समय से विरोध और चर्चा के बीच यह फैसला राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। RIMS-2 Ranchi के साथ ही कैबिनेट ने विभिन्न विभागों के कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।

RIMS-2 Ranchi परियोजना को मिली प्रशासनिक मंजूरी
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि RIMS-2 Ranchi के निर्माण के लिए 4,189 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जागृति पीएमयू (Project Management Unit) का गठन किया जाएगा।
इसके अलावा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) को परियोजना के प्रभाव मूल्यांकन के लिए नामित करने की भी स्वीकृति दी गई है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक प्रबंधन प्रणाली के साथ अस्पताल निर्माण और संचालन को बेहतर बनाना है।
Background: क्यों महत्वपूर्ण है RIMS-2 परियोजना
रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां राज्य के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए RIMS-2 Ranchi परियोजना की योजना बनाई गई।
हालांकि प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण और अन्य मुद्दों को लेकर पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखने को मिला था। इसके बावजूद सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनेगा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कैबिनेट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि RIMS-2 Ranchi एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल होगा। उन्होंने लोगों से परियोजना का विरोध करने के बजाय सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि फिलहाल परियोजना का निर्माण वर्ल्ड बैंक से ऋण लेकर किया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार से भी वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया गया है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद की बैठक में राज्य सरकार ने रांची में एम्स की स्थापना और RIMS-2 परियोजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग भी रखी है।
Official Statement: मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कैबिनेट के फैसलों से राज्य के लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि RIMS-2 Ranchi के निर्माण के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत कर दी गई है। साथ ही वीबी-जी राम जी योजना को भी नीतिगत मंजूरी दी गई है, जिससे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) परिवारों को अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य परियोजना के अलावा कई अन्य अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें झारखंड योजना सेवा नियमावली-2026 का गठन, झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग नियमावली-2026 की स्वीकृति तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की ब्लॉक और अंचल स्तर पर तर्कसंगत पदस्थापना शामिल है।
इसके अलावा वर्ष 2015 से लगातार अनुपस्थित चल रहे सरायकेला के चिकित्सक डॉ. शशिकांत को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी गई। देवघर में श्रावणी मेले के लिए 28 अस्थायी मेला ओपी और स्थायी ओपी के गठन को भी स्वीकृति मिली। वहीं 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले नेशनल इन्वेस्टर्स समिट में झारखंड की भागीदारी को भी मंजूरी दी गई।
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Public Information: जनता पर क्या होगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि RIMS-2 Ranchi के निर्माण से झारखंड में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, अधिक बेड, आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की बेहतर उपलब्धता मिल सकेगी। इससे राज्य के मरीजों को गंभीर इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता भी कम करनी पड़ सकती है।
सरकार का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा और चिकित्सा शिक्षा व शोध को भी नई गति मिलेगी।
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