JPSC छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीर, संवाद-जांच-सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ रही सरकार : दीपिका पांडेय

NEWS SAGA DESK

प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र संगठनों से सकारात्मक संवाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुझावों से कराया जाएगा अवगत

संवाद, जांच और सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ रही

झारखंड में JPSC और JSSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेने की बात कही है। झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय ने शनिवार को कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं और चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार संवाद, जांच और सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना है।

छात्र संगठनों के साथ हुआ सकारात्मक संवाद

दीपिका पांडेय ने बताया कि सरकार की ओर से एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, झारखंड छात्र मोर्चा और एसीएस आदिवासी सहित विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक संवाद किया गया है।

उन्होंने कहा कि छात्र संगठनों की ओर से बैठक और संवाद के दौरान रखे गए सुझावों एवं चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है। इन सभी मुद्दों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जाएगा, ताकि सरकार आगे की कार्रवाई को लेकर उचित निर्णय ले सके।

मंत्री के अनुसार, सरकार केवल कुछ संगठनों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी संबंधित पक्षों की राय जानकर व्यापक स्तर पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।

छात्रों, अभिभावकों और विशेषज्ञों से मांगे सुझाव

मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि सरकार ने छात्रों, अभिभावकों, अभ्यर्थियों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं और सिविल सोसाइटी समेत सभी संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर लोग अपने सुझाव ई-मेल के माध्यम से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। प्राप्त सुझावों का अध्ययन किया जाएगा और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।

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सरकार का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों और छात्रों के बीच भरोसा बनाए रखने के लिए सभी पक्षों की चिंताओं को समझना और उनका समाधान करना जरूरी है।

छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान : मंत्री

दीपिका पांडेय ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों और समस्याओं को सामने रखना छात्रों का अधिकार है। सरकार इस अधिकार का सम्मान करती है। उन्होंने छात्र आंदोलन से जुड़ी मांगों को जायज बताते हुए कहा कि उनके समाधान के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की बात को नजरअंदाज नहीं कर रही है। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों में जो भी चिंताएं सामने आई हैं, उनका अध्ययन कर उचित कदम उठाए जाएंगे।

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