देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से पहुंचे विधानसभा घेराव

NEWS SAGA DESK

देवेंद्र नाथ महतो अनशन के बीच एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में पहुंचे। छात्रों के समर्थन में शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।

छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से अनशन कर रहे JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो अब एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में पहुंच गए हैं। देवेंद्र नाथ महतो धरना स्थल से एंबुलेंस पर सवार होकर छात्रों के साथ विधानसभा घेराव के लिए रवाना हुए। इस दौरान उनके हाथ में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर नजर आई। लंबे समय से जारी अनशन के कारण उनकी सेहत को लेकर डॉक्टरों ने चिंता जताई है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने छात्रों के आंदोलन में शामिल होने का फैसला किया।

देवेंद्र नाथ महतो

एंबुलेंस से विधानसभा घेराव के लिए रवाना

देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से छात्रों की मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं। आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। स्वास्थ्य की नियमित जांच करने वाले डॉक्टरों ने भी उन्हें लंबे समय तक अनशन जारी रखने से बचने की सलाह दी है।

इसके बावजूद छात्रों के समर्थन में देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में शामिल होने के लिए धरना स्थल से रवाना हुए। उनका कहना है कि छात्रों की बड़ी संख्या में मौजूदगी और अपने अधिकारों की आवाज उठाने का जज्बा उन्हें लगातार ऊर्जा दे रहा है।

विधानसभा घेराव के लिए रवाना होते समय उनके हाथ में शिबू सोरेन की तस्वीर भी थी। इस तस्वीर के जरिए उन्होंने अपने आंदोलन के दौरान एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की कोशिश की।

कई दिनों से जारी है अनशन

छात्रों की मांगों को लेकर देवेंद्र नाथ महतो का अनशन पिछले कई दिनों से जारी है। आंदोलन के दौरान एक समय उन्होंने पानी का भी त्याग कर दिया था। हालांकि, सोनम वांगचुक के आग्रह के बाद उन्होंने दोबारा जल ग्रहण करना शुरू किया।

जल का त्याग करने के कारण उनके स्वास्थ्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। लंबे समय तक भोजन नहीं लेने की स्थिति में शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर डॉक्टरों ने भी चिंता जताई है। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिक समय तक भूखे रहने से शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और स्थिति गंभीर हो सकती है।

इसके बावजूद आंदोलन खत्म करने के बजाय देवेंद्र नाथ महतो छात्रों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

डॉक्टरों ने जताई स्वास्थ्य को लेकर चिंता

अनशन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जांच करने वाले डॉक्टरों ने बताया है कि फिलहाल उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे लंबे समय तक अनशन जारी रख सकें।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। इससे आने वाले समय में उनकी स्थिति चिंताजनक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की इस सलाह के बावजूद देवेंद्र नाथ महतो अपने आंदोलन को जारी रखने पर कायम हैं।

उनका कहना है कि उनके आसपास मौजूद छात्रों की भीड़ और अपने हक के लिए उठ रही आवाज उन्हें हौसला देती है। आंदोलनकारियों के बीच उनकी मौजूदगी छात्रों के लिए भी मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

छात्रों के समर्थन में विधानसभा घेराव

विधानसभा घेराव का उद्देश्य छात्रों की मांगों को सरकार और सदन तक पहुंचाना है। आंदोलन में छात्रों की भागीदारी के साथ JLKM के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी भी देखने को मिल रही है।

देवेंद्र नाथ महतो ने अनशन के बावजूद इस प्रदर्शन में शामिल होकर यह स्पष्ट किया है कि वे छात्रों के मुद्दे को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में पहुंचना आंदोलन के दौरान उनके स्वास्थ्य और प्रतिबद्धता दोनों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

छात्रों की ओर से उठाई जा रही मांगों को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर भी आंदोलनकारियों की नजर है।

जयराम महतो का निर्जला उपवास समाप्त

इस आंदोलन के बीच JLKM के एकमात्र विधायक जयराम महतो भी छात्रों के समर्थन में एक दिवसीय निर्जला उपवास पर बैठे थे। उनका यह उपवास अब समाप्त हो चुका है।

जयराम महतो की राजनीतिक मौजूदगी के कारण छात्रों से जुड़े इस आंदोलन को विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक महत्व मिला है। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो का अनशन जारी रहने के कारण आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है।

आंदोलन का राजनीतिक असर

देवेंद्र नाथ महतो की अगुवाई में छात्रों की मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन ऐसे समय में सामने आया है, जब विधानसभा का सत्र जारी है। विधानसभा घेराव के जरिए आंदोलनकारी अपनी मांगों को सीधे सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

देवेंद्र नाथ महतो का एंबुलेंस से विधानसभा पहुंचना इस आंदोलन के संवेदनशील पक्ष को भी सामने लाता है। एक ओर जहां डॉक्टर उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे छात्रों के बीच अपनी मौजूदगी को आंदोलन की ताकत मान रहे हैं।

देवेंद्र नाथ महतो के आंदोलन से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि वे छात्रों की मांगों को लेकर कई दिनों से अनशन पर हैं और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बावजूद विधानसभा घेराव में शामिल हुए हैं। फिलहाल उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। उनके आंदोलन के दौरान पानी का त्याग भी किया गया था, लेकिन सोनम वांगचुक के आग्रह के बाद उन्होंने जल ग्रहण करना शुरू किया। डॉक्टरों ने लंबे समय तक भूखे रहने के संभावित गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर चेतावनी दी है।

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वहीं, छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि छात्रों की भीड़ और उनके अधिकारों के लिए उठ रही आवाज उन्हें आंदोलन जारी रखने की ताकत दे रही है।

फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो का विधानसभा घेराव में एंबुलेंस से पहुंचना आंदोलन के सबसे अहम घटनाक्रमों में से एक है। स्वास्थ्य संबंधी चुनौती के बावजूद छात्रों के समर्थन में उनकी सक्रिय मौजूदगी ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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