तिरंगा यात्रा में सीएम सम्राट चौधरी ने तिरंगे को एकता, अखंडता और संप्रभुता का प्रतीक बताया। 10 से 17 अगस्त तक अभियान में शामिल होने की अपील की।
पटना में सोमवार को तिरंगा यात्रा के दौरान देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक निकाली गई इस यात्रा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर मुख्यमंत्री ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल यात्रा की। जेपी गोलंबर पहुंचने के बाद उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान भारत माता की जय के नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मौके पर लोगों से तिरंगा अभियान को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें और प्रखंड स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक निकली यात्रा
पटना में आयोजित तिरंगा यात्रा की शुरुआत जेपी गोलंबर से हुई और यह कारगिल चौक तक पहुंची। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, रामकृपाल यादव, विजय सिन्हा समेत पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे।
यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर सड़कों पर नजर आए। जगह-जगह भारत माता की जय के नारे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से जुड़ा उत्साह देखने को मिला। जेपी गोलंबर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
तिरंगा एकता और अखंडता का प्रतीक: सम्राट चौधरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तिरंगे को देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देशवासियों के लिए केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि गौरव और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगे की आन और सम्मान के लिए देश के लाखों सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन अगर कोई देश के साथ लड़ने की कोशिश करता है तो भारत उसका कड़ा जवाब देने में सक्षम है।

सम्राट चौधरी ने भारत के भविष्य को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में शामिल होकर उभरेगा।
स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की तिरंगा यात्रा केवल तीन रंगों वाले ध्वज को लेकर निकलने वाला कार्यक्रम नहीं है। इसके पीछे देश के स्वतंत्रता सेनानियों और पूर्वजों का संघर्ष और बलिदान जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर लोकतंत्र की स्थापना की और तिरंगे को देश की पहचान के रूप में स्थापित किया। ऐसे में तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
10 से 17 अगस्त तक अभियान में शामिल होने की अपील
सम्राट चौधरी ने लोगों से 10 से 17 अगस्त तक चलने वाले तिरंगा अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मुहिम को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर लोगों की भागीदारी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रखंड स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में आम लोगों से शामिल होने का आग्रह किया। उनका कहना था कि लोगों की सक्रिय भागीदारी से तिरंगे की शान और देशभक्ति की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ने की कोशिश
इस अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना और हर घर तिरंगा अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। 14 अगस्त तक चलने वाले अभियान के तहत लोगों को अपने घरों पर तिरंगा लगाने और राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पटना में जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक निकली यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर शामिल हुए। इससे राजधानी में स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
भाजपा के कई नेता हुए शामिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, विजय सिन्हा और पार्टी के अन्य नेता शामिल हुए। नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी यात्रा का हिस्सा बने।
भाजपा की ओर से इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेताओं ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
तिरंगा यात्रा को लेकर बदला गया ट्रैफिक रूट
पटना में तिरंगा यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी की थी। सोमवार सुबह करीब 7 बजे से गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, कारगिल चौक और बुद्ध मार्ग के आसपास वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी।लोगों की परेशानी कम करने के लिए वैकल्पिक यातायात मार्गों की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की कोशिश थी कि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ शहर का ट्रैफिक भी नियंत्रित रहे।यात्रा समाप्त होने के बाद संबंधित मार्गों पर यातायात व्यवस्था को फिर से सामान्य कर दिया गया। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
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पटना की इस यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोगों से राष्ट्रध्वज के सम्मान और स्वतंत्रता दिवस से जुड़े आयोजनों में भागीदारी की अपील की। उन्होंने तिरंगे को देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता से जोड़ते हुए नागरिकों से अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया। कुल मिलाकर, पटना में निकली तिरंगा यात्रा ने स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में देशभक्ति का माहौल बनाया। मुख्यमंत्री समेत भाजपा नेताओं और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के बीच यात्रा जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक पहुंची। अब 17 अगस्त तक चलने वाले अभियान के दौरान प्रखंड स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी पर नजर रहेगी।
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