सदर अस्पताल में नई सुविधाओं का उद्घाटन, बच्चों का मुफ्त इलाज

NEWS SAGA DESK

धनबाद सदर अस्पताल में नई सुविधाओं का उद्घाटन हुआ। आरबीएसके के तहत 18 वर्ष तक के बच्चों की मुफ्त जांच, इलाज और जरूरत पर सर्जरी होगी।

धनबाद के सदर अस्पताल को आधुनिक और मरीजों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। बुधवार को सदर अस्पताल परिसर में कई नई और पुनर्निर्मित सुविधाओं का उद्घाटन किया गया। उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार और उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने संयुक्त रूप से कार एवं बाइक पार्किंग शेड, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड, पुनर्निर्मित ओपीडी और सिविल सर्जन कार्यालय के नवनिर्मित सभागार का उद्घाटन किया।

सदर अस्पताल

इन सुविधाओं के शुरू होने से सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ कई तरह की व्यावहारिक सुविधाएं भी मिलेंगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य अस्पताल को जिले के एक आधुनिक, सुलभ और व्यवस्थित चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करना है।

18 वर्ष तक के बच्चों का होगा मुफ्त इलाज

नई सुविधाओं में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम यानी आरबीएसके को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में जन्मजात बीमारियों, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और अन्य रोगों की पहचान कर उनका उपचार कराया जाएगा।

उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि 11 से 22 अगस्त तक विशेष स्वास्थ्य कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस कैंप के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिन बच्चों में किसी बीमारी या गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पहचान होगी, उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला प्रशासन के अनुसार, जरूरत पड़ने पर बच्चों की बड़ी सर्जरी भी निःशुल्क कराई जाएगी। अब तक जिले में करीब 700 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। प्रशासन ने इन बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी लेने की बात कही है।

जन्मजात बीमारी वाले बच्चों पर विशेष ध्यान

आरबीएसके के माध्यम से बच्चों में जन्मजात बीमारियों और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती स्तर पर पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार की प्रक्रिया आसान हो सकती है और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य जीवन मिल सकता है।

उपायुक्त ने आम लोगों से अपील की है कि उनके आसपास यदि कोई बच्चा जन्मजात बीमारी या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है, तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन तक पहुंचाएं। प्रशासन का प्रयास है कि आर्थिक स्थिति इलाज में बाधा न बने और जरूरतमंद बच्चों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

सदर अस्पताल में मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड का उद्घाटन भी किया गया। इससे आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

मॉड्यूलर वार्ड को अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आयुष्मान योजना के तहत उपचार कराने वाले मरीजों को बेहतर वातावरण और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नए ओपीडी परिसर से आसान होगी इलाज की प्रक्रिया

अस्पताल के पुनर्निर्मित ओपीडी परिसर का भी उद्घाटन किया गया। नए परिसर में मरीजों के रजिस्ट्रेशन और इलाज की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।

वहीं, अस्पताल परिसर में कार और बाइक पार्किंग शेड बनने से वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। इससे अस्पताल परिसर में अव्यवस्था कम करने और मरीजों तथा उनके परिजनों की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

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उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि सदर अस्पताल को जिले का आधुनिक और सुलभ चिकित्सा केंद्र बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। नई सुविधाओं का उद्देश्य केवल अस्पताल का बुनियादी ढांचा मजबूत करना नहीं, बल्कि मरीजों को बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।

जिला प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों के मुफ्त इलाज को लेकर लोगों से सक्रिय सहयोग की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी जरूरतमंद बच्चे की बीमारी की जानकारी मिलने पर उसके इलाज के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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