अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी ने ‘सदैव अटल’ पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। राजनाथ सिंह, अमित शाह और भाजपा ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया।
News Saga Desk
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह नई दिल्ली स्थित समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री के राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारत की प्रगति में उनकी भूमिका अद्वितीय रही। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और योगदान को स्मरण किया।
‘सदैव अटल’ पहुंचकर पीएम मोदी ने किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह ‘सदैव अटल’ पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अटल जी की स्मृति में संदेश साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की प्रगति में वाजपेयी की भूमिका अद्वितीय थी।
मोदी ने अपने संदेश में अटल बिहारी वाजपेयी को असाधारण राजनेता बताते हुए उनकी दूरदृष्टि और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने अपना पूरा जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित किया और उनके शब्दों तथा प्रयासों ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया।
सुशासन और जनकल्याण पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि आज भी प्रासंगिक है। उनके अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन और जनकल्याण को अपने राजनीतिक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयी के ये विचार आगे भी देश का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
वाजपेयी की राजनीति में राष्ट्रहित, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास को विशेष महत्व दिया जाता था। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी इसी विरासत को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
25 दिसंबर 1924 को हुआ था जन्म
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। उन्होंने पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन से अपनी यात्रा शुरू की और आगे चलकर भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए। वे भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे नेता बने, जिन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला।

वाजपेयी तीन बार प्रधानमंत्री रहे। उनके नेतृत्व में केंद्र की राजनीति में गठबंधन के दौर को एक महत्वपूर्ण दिशा मिली। उनके भाषणों और कविताओं ने भी उन्हें भारतीय राजनीति में विशिष्ट पहचान दिलाई। 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली में उनका निधन हुआ।
भाजपा ने बताया युगपुरुष और प्रेरणास्रोत
भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। पार्टी ने सोशल मीडिया संदेश में अटल बिहारी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का युगपुरुष बताते हुए उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं का पथ प्रदर्शक और प्रेरणास्रोत बताया।
भाजपा के संदेश में वाजपेयी के लंबे राजनीतिक जीवन और पार्टी के निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया। पार्टी के लिए उनका व्यक्तित्व आज भी संगठनात्मक और वैचारिक प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।
राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रथम की भावना को किया याद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वाजपेयी ने आजीवन ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ की भावना के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी के लिए राजनीति का मूल उद्देश्य राष्ट्रहित और जनसेवा था।
राजनाथ सिंह ने उनके नेतृत्व में भारत की सामरिक शक्ति, आर्थिक विकास और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने देश को मजबूत और आत्मविश्वासी बनाने तथा विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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अमित शाह ने परमाणु परीक्षण और कारगिल को किया याद
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी को देशभक्त राजनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित किया। शाह ने वाजपेयी के नेतृत्व में हुए परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने दुनिया के सामने भारत की सामरिक क्षमता को मजबूती से प्रदर्शित किया।
अमित शाह ने वाजपेयी की मूल्य-आधारित राजनीति और सुशासन के दृष्टिकोण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनका विराट व्यक्तित्व और नेतृत्व भाजपा के कार्यकर्ताओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।
पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा, राजनाथ सिंह और अमित शाह की श्रद्धांजलि से यह स्पष्ट हुआ कि अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक विरासत आज भी राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उनके समर्थक और राजनीतिक सहयोगी उन्हें दूरदर्शी नेतृत्व, प्रभावशाली वक्तृत्व और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाले नेता के रूप में याद करते हैं।
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