NEWS SAGA DESK
धनबाद में जामताड़ा मॉडल की तर्ज पर साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है। बच्चों के लिए साइबर पाठशाला और गांवों में रात्रि चौपाल होगी।

धनबाद। झारखंड में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। जामताड़ा में साइबर ठगी के मामलों के बाद अब धनबाद पुलिस भी संभावित साइबर अपराध के नए तरीकों को लेकर अलर्ट मोड में है। धनबाद पुलिस अलर्ट के तहत साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने की योजना पर जोर दिया जा रहा है।
पुलिस की रणनीति केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम लोगों और खासकर बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए बच्चों के बीच साइबर पाठशाला और ग्रामीण इलाकों में रात्रि चौपाल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात सामने आई है।
जामताड़ा मॉडल से धनबाद में बढ़ी सतर्कता
झारखंड में जामताड़ा लंबे समय से साइबर अपराध के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। साइबर ठगी के बदलते तरीकों और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच दूसरे जिलों की पुलिस भी ऐसे अपराधों को लेकर सतर्क हो रही है।
धनबाद में भी पुलिस ने साइबर अपराध की संभावित गतिविधियों पर नजर बढ़ाने की तैयारी की है। धनबाद पुलिस अलर्ट के पीछे प्रमुख उद्देश्य साइबर ठगी के मामलों को शुरुआती स्तर पर रोकना और लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में जानकारी देना है।
बच्चों के लिए शुरू होगी साइबर पाठशाला
साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता अभियान में बच्चों को भी शामिल किया जाएगा। बच्चों के लिए साइबर पाठशाला आयोजित करने का उद्देश्य उन्हें इंटरनेट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जानकारी देना है।
इसे भी देखें:-Jagannath Rath Yatra Ranchi 2026 | राज्यपाल, कल्पना सोरेन समेत हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
आज के समय में बच्चे कम उम्र से ही स्मार्टफोन और इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसे में उन्हें फर्जी लिंक, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल, पासवर्ड चोरी और संदिग्ध मैसेज जैसे खतरों के बारे में जागरूक करना जरूरी है।
No Comment! Be the first one.