बिहार में बाढ़ का खतरा, कई नदियां उफान पर

NEWS SAGA DESK

बिहार में गंगा, सोन, गंडक और सरयू समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, खेतों और निचले इलाकों में पानी पहुंचा।

बिहार में बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। राज्य में इस साल अब तक बारिश सामान्य से कम रहने के बावजूद कई प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गंगा, सोन, गंडक और सरयू समेत कई नदियां ऊफान की स्थिति में हैं। जल संसाधन विभाग के 21 अगस्त के आंकड़ों में भी कई स्थानों पर नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दरौली में घाघरा (सरयू) खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी, जबकि पटना, बक्सर और भागलपुर में गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज हुई।

बिहार में बाढ़ का खतरा

नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई जगह खेतों तक पानी पहुंच चुका है, जबकि कुछ इलाकों में सड़क और गांवों की ओर भी बाढ़ का पानी बढ़ने की खबर है। मौसम विभाग ने 22 से 26 अगस्त के बीच बिहार के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।

रोहतास में सोन नदी का बढ़ा जलस्तर

रोहतास के नौहट्टा इलाके में सोन नदी और पहाड़ी नदियों के पानी से परेशानी बढ़ी है। रोहतास-यदुनाथपुर मुख्य मार्ग के कुछ हिस्सों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित होने की बात सामने आई है। निचले हिस्सों में पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सोन बिहार की प्रमुख बाढ़ प्रभावित नदियों में शामिल है। राज्य के जल संसाधन विभाग के अनुसार सोन बेसिन में बिहार का बड़ा क्षेत्र बाढ़ की संभावित चपेट में आता है। भोजपुर के शाहपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में गंगा का पानी फैलने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी है। कई खेतों में पानी पहुंचने के बाद अब निचले इलाकों में बसे गांवों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

दियारा क्षेत्रों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर खेती और आवागमन दोनों प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों के लिए पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाना और रोजमर्रा की जरूरतों की व्यवस्था करना भी चुनौती बन जाता है।

सिवान में सरयू खतरे के निशान से ऊपर

सिवान के दरौली में घाघरा यानी सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। 21 अगस्त को सरकारी आंकड़ों में यहां जलस्तर 61.10 मीटर था, जबकि खतरे का स्तर 60.82 मीटर है। यानी नदी करीब 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। जलस्तर में 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर की वृद्धि भी दर्ज की गई।

निचले इलाकों में पानी फैलने से ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा निगरानी और बचाव की तैयारी अहम हो जाती है।

बक्सर और भागलपुर में भी बढ़ रहा गंगा का पानी

बक्सर में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। 21 अगस्त के सरकारी आंकड़ों के अनुसार बक्सर में नदी का जलस्तर 58.84 मीटर था और 24 घंटे में 49 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। पटना के दीघाघाट और गांधीघाट पर भी गंगा का स्तर बढ़ा था।

भागलपुर में भी गंगा का पानी बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों में 21 अगस्त को भागलपुर में जलस्तर 32.36 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के स्तर से 1.32 मीटर नीचे था। हालांकि, 24 घंटे में यहां 21 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हुई।

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