जनगणना से सर्जिकल स्ट्राइक तक, PM मोदी ने इन मुद्दों पर की चर्चा

मन की बात के 138वें एपिसोड में PM मोदी ने जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व बताया। सर्जिकल स्ट्राइक, अशोक सिंघल और मोढेरा सूर्य मंदिर का भी किया जिक्र।

News Saga Desk

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में आगामी राष्ट्रीय जनगणना, आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल की जन्मशती और गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी एक राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया।

जनगणना में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी राष्ट्रीय जनगणना का जिक्र करते हुए कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने जनगणना को राष्ट्र निर्माण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया।

जनगणना के माध्यम से देश की आबादी, सामाजिक परिस्थितियों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से संबंधित आंकड़े जुटाए जाते हैं। इन आंकड़ों का उपयोग विकास योजनाओं और नीतियों को तैयार करने में किया जाता है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने नागरिकों से इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

सर्जिकल स्ट्राइक को याद कर आतंकवाद पर दिया संदेश

‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने सितंबर 2016 में नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती देने वालों को भारत करारा जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने 28-29 सितंबर 2016 की कार्रवाई को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का जिक्र किया। उन्होंने बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर सहित आतंकवाद के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री के संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। उन्होंने देश की संप्रभुता की रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ रुख को भारत की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

अशोक सिंघल की जन्मशती का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल की जन्मशती पर उनके जीवन और योगदान को याद किया। अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। वर्ष 2026 में उनकी जन्मशती मनाई जा रही है।

अशोक सिंघल ने आईआईटी-बीएचयू से शिक्षा प्राप्त की थी। हालांकि, उन्होंने पारंपरिक करियर का रास्ता चुनने के बजाय अपना जीवन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए समर्पित कर दिया।

वह लंबे समय तक सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे तथा राम जन्मभूमि आंदोलन से भी जुड़े थे। प्रधानमंत्री ने उनके जीवन का उल्लेख करते हुए समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया।

मोढेरा सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक विरासत पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने गुजरात स्थित मोढेरा सूर्य मंदिर का भी उल्लेख किया। यह मंदिर भारतीय स्थापत्य कला और सूर्य उपासना की प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

मोढेरा सूर्य मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में सोलंकी शासक भीमदेव प्रथम के शासनकाल में कराया गया था। मंदिर की वास्तुकला, नक्काशी और सूर्य उपासना से जुड़ी परंपराएं भारतीय सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि को दर्शाती हैं।

प्रधानमंत्री ने मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ आधुनिक समय में मोढेरा की पहचान का भी उल्लेख किया। मोढेरा को सौर ऊर्जा आधारित गांव के रूप में विकसित करने की पहल प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक के मेल का उदाहरण है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की सांस्कृतिक विरासत केवल अतीत की पहचान नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य और सतत विकास की दिशा में भी प्रेरणा देती है।

जनभागीदारी और जमीनी स्तर पर काम करने वालों पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ को देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक प्रयासों को सामने लाने का माध्यम बताया। इस कार्यक्रम के जरिए ऐसे लोगों और समूहों की कहानियां साझा की जाती हैं, जो अपने स्तर पर समाज और देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।

कार्यक्रम में जनभागीदारी, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे विषयों पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रमुख संदेश यह रहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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