सपा ने यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। जानिए धनराज नाथवानी का झारखंड चुनाव और रिलायंस कनेक्शन।
उत्तर प्रदेश से होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर राजनीतिक गलियारों में सभी को चौंका दिया है। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से अपने वरिष्ठ नेता और अखिलेश यादव के चाचा प्रो. रामगोपाल यादव के साथ-साथ उद्योग एवं कॉरपोरेट जगत की जानी-मानी हस्ती धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों प्रत्याशियों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।

धनराज परिमल नाथवानी वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में ग्रुप प्रेसिडेंट के वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं और उद्योगपति तथा झारखंड से निर्दलीय राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के पुत्र हैं। अखिलेश यादव द्वारा कॉरपोरेट पृष्ठभूमि के धनराज नाथवानी को उच्च सदन भेजने का यह फैसला उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति के नए समीकरणों की ओर इशारा करता है।
झारखंड राज्यसभा चुनाव के बाद बदला राजनीतिक समीकरण
धनराज नाथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के इस फैसले के तार कुछ समय पहले संपन्न हुए झारखंड के राज्यसभा चुनाव से भी जुड़ते हैं। धनराज के पिता परिमल नाथवानी जून 2026 में झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उस समय परिमल नाथवानी एनडीए (NDA) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे।
झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में हुए उस दिलचस्प मुकाबले में सभी विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया था। चुनाव परिणाम में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैद्यनाथ राम को 30 वोट मिले थे, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी ने 28 वोट हासिल किए थे। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट ही मिल सके थे और 3 वोट अमान्य करार दिए गए थे। इसके बाद बैद्यनाथ राम और परिमल नाथवानी को विजेता घोषित किया गया था।
कांग्रेस ने लगाया था क्रॉस वोटिंग का आरोप
झारखंड में परिमल नाथवानी की इस जीत के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस की ओर से क्रॉस वोटिंग के गंभीर आरोप लगाए गए थे। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और महागठबंधन के नेताओं को अपने सभी विधायकों के एकजुट वोट मिलने का पूरा भरोसा था, लेकिन नतीजों में पार्टी उम्मीदवार प्रणव झा को महज 20 वोट ही मिल पाए। जबकि निर्दलीय मैदान में उतरे परिमल नाथवानी 28 प्रथम वरीयता के वोट जुटाकर आसानी से राज्यसभा पहुंच गए थे।
इस चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस ने महागठबंधन के भीतर क्रॉस वोटिंग और भीतरघात को लेकर कई तीखे सवाल खड़े किए थे। अब उस चुनाव के कुछ ही महीनों बाद परिमल नाथवानी के बेटे धनराज नाथवानी को समाजवादी पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने पर राजनीतिक चर्चाएं फिर से तेज हो गई हैं।
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