धनबाद में दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी, नियम तोड़ने पर समिति के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और सुगम यातायात प्रबंधन को बनाए रखने के लिए धनबाद पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री प्रभात कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूजा के दौरान डीजे (DJ) के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी पंडाल में डीजे बजता पाया गया तो समिति का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सिटी एसपी श्री ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी श्री एस. मोहम्मद याकूब, आईपीएस अधिकारी श्री अंकित सिन्हा के साथ जिले के सभी डीएसपी, एसडीपीओ, अंचल निरीक्षक, थाना प्रभारी और ओपी प्रभारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान सुरक्षा, पंडालों की सतत निगरानी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, रात्रि गश्ती और चोरी व गृहभेदन की घटनाओं पर नकेल कसना रहा।
आठ जोन और तीन सुपर जोन में बंटा धनबाद
त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए पूरे धनबाद जिले को सुरक्षा की दृष्टि से आठ जोन और तीन सुपर जोन में विभाजित किया गया है। रात के समय अपराध नियंत्रण के लिए डीएसपी से लेकर एसएसपी स्तर के अधिकारी खुद गश्ती (Night Patrolling) की निगरानी करेंगे। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की पूजा समितियों के साथ बैठक कर सभी सुरक्षा गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
हर पंडाल का जायजा लेंगे थाना प्रभारी: सीसीटीवी और अग्निशमन अनिवार्य
निर्देशों के अनुसार, थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र के प्रत्येक पूजा पंडाल का व्यक्तिगत रूप से भ्रमण कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करनी होगी।
पंडालों में सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
- सीसीटीवी कैमरे: प्रत्येक पूजा पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
- अग्निशमन व्यवस्था: आग से बचाव के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण स्थापित करने होंगे।
- अलग प्रवेश व निकास: महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग एंट्री व एग्जिट गेट बनाने होंगे।
सहायता केंद्र और आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य
बैठक में पूजा समितियों को पंडाल परिसर के समीप एक क्रियाशील सहायता केंद्र (Help Desk) स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। इस सहायता केंद्र पर पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नजदीकी अस्पताल, फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग के आपातकालीन संपर्क नंबरों को बड़े अक्षरों में प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित निपटा जा सके।
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