उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शिवाजी इंटर कॉलेज नेवादा की व्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश सामने आया। स्कूल में कथित तौर पर बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज बड़ी संख्या में विद्यार्थी सड़क पर उतर आए। नारेबाजी करते हुए छात्र नेवादा ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं
NEWS SAGA DESK:
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शिवाजी इंटर कॉलेज नेवादा की व्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश सामने आया। स्कूल में कथित तौर पर बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज बड़ी संख्या में विद्यार्थी सड़क पर उतर आए। नारेबाजी करते हुए छात्र नेवादा ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। छात्रों ने स्कूल में साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, पंखे, बैठने की व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति समेत कई मुद्दे उठाए। विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया जा रहा था, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।
गंदे शौचालय और पानी की व्यवस्था पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल की कक्षाओं में नियमित सफाई नहीं होती। शौचालयों की स्थिति भी ठीक नहीं है। वहीं पेयजल की व्यवस्था को लेकर भी विद्यार्थियों ने साफ-सफाई की कमी का आरोप लगाया। छात्रों के मुताबिक, कई कक्षाओं में पंखे काम नहीं करते। विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से बैठने के लिए पर्याप्त सीटें भी उपलब्ध नहीं हैं। बारिश के दौरान स्कूल की छत से पानी टपकने की शिकायत भी छात्रों ने की।
प्रैक्टिकल और छात्राओं की सुविधाओं को लेकर भी शिकायत
विद्यार्थियों ने स्कूल में प्रैक्टिकल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया। छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया। इसके अलावा कुछ छात्रों ने शिक्षकों के समय पर स्कूल नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। विद्यार्थियों का कहना है कि विद्यालय में कक्षा 10 तक के सरकारी शिक्षक मौजूद हैं, लेकिन उनसे कक्षा 12 के विद्यार्थियों को भी पढ़ाया जाता है। छात्रों ने फीस बढ़ाए जाने और परीक्षा में शामिल होने से रोकने की कथित धमकी का आरोप भी लगाया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद चायल एसडीएम प्रेरणा गौतम, चायल सीओ शिवांक सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें समझाया, जिसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ और छात्रों को वापस विद्यालय ले जाया गया। विद्यालय पहुंचने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक लाल बाबू मौर्य ने छात्रों से उनकी शिकायतों और मांगों के संबंध में जानकारी ली।
जल्द समाधान का दिया भरोसा
जिला विद्यालय निरीक्षक लाल बाबू मौर्य ने बताया कि प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से बातचीत की जा रही है और उनकी समस्याओं को समझने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने छात्रों की ओर से उठाई गई मांगों के समाधान और विद्यालय में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। अब छात्रों की शिकायतों की जांच और स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार के बाद ही स्थिति कितनी बदलती है, यह देखना होगा।
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