देवरिया के रक्सा गांव में ब्रेकर बनाने के विवाद में आरएसएस स्वयंसेवक रामेश्वर तिवारी की पीटकर हत्या कर दी गई। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तीन पुलिस टीमें गठित कीं।
News Saga Desk
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर हुआ विवाद हिंसक हो गया। लार थाना क्षेत्र के रक्सा गांव में मारपीट के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक रामेश्वर तिवारी (50) की मौत हो गई। वह खेती करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से आरएसएस से जुड़े हुए थे। परिजनों के मुताबिक, एक अक्टूबर को सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर पट्टीदारों के साथ हुए विवाद के बाद मारपीट हुई थी। इसमें रामेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपितों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
ब्रेकर बनाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मामला देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र स्थित रक्सा गांव का है। यहां सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर रामेश्वर तिवारी और उनके पट्टीदारों के बीच विवाद चल रहा था। परिवार के अनुसार, इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया। एक अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई।
इस दौरान रामेश्वर तिवारी को गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। हालांकि, चोटें गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते थे रामेश्वर
मृतक रामेश्वर तिवारी की उम्र करीब 50 वर्ष थी। वह खेती करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के मुताबिक, वह पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए थे।

परिवार का कहना है कि सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर पट्टीदारों के साथ उनका विवाद काफी समय से चल रहा था। इसी विवाद के चलते उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मौत हो गई।
रामेश्वर की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजन घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।
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परिजनों ने पहले भी जान से मारने की धमकी मिलने का लगाया आरोप
रामेश्वर तिवारी की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पहले भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। परिवार के अनुसार, 19 सितंबर को रामेश्वर को जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके बाद उन्होंने 20 सितंबर को लार थाने में प्रार्थनापत्र देकर पुलिस को इसकी जानकारी दी थी।
परिजनों का दावा है कि उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।
हालांकि, पूर्व में दी गई शिकायत पर पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस संबंध में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस के सामने अब घटना के पीछे के विवाद और पूर्व में मिली धमकी से जुड़े तथ्यों की जांच करना भी महत्वपूर्ण है।
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