झारखंड के पांच जिलों (रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा) में ओबीसी आरक्षण, नौकरियों में प्रतिनिधित्व, PESA कानून में अधिकार और जनगणना में अलग कॉलम की मांग को लेकर मंगलवार को बंद का व्यापक असर देखने को मिला। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।
झारखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समाज के लिए आबादी के अनुपात में आरक्षण, अधिकारों और नौकरियों में प्रतिनिधित्व की मांग एक बार फिर जोर पकड़ चुकी है। मंगलवार (6 अक्टूबर) को केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति के आह्वान पर राज्य के पांच प्रमुख जिलों—रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा—में बंद और चक्का जाम का आयोजन किया गया। इस बंद का सबसे व्यापक और गहरा असर गुमला जिले और खूंटी के तोरपा क्षेत्र में देखने को मिला, जहां सुबह से ही बंद समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर आवागमन पूरी तरह ठप्प कर दिया।

गुमला में थमे वाहनों के पहिए, राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित गुमला जिले में सुबह से ही बंद समर्थकों के विभिन्न समूह सड़कों पर सक्रिय दिखे। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, जैसे टावर चौक, पटेल चौक और डुमरडीह चौक पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर टायर जलाकर विरोध जताया गया। व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जबकि केवल दवा दुकानों जैसी आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को ही छूट दी गई।
बंद का सबसे बड़ा प्रभाव अंतरराज्यीय और राष्ट्रीय परिवहन व्यवस्था पर पड़ा। जिले से होकर गुजरने वाले दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों—NH-43 और NH-143—पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। NH-43 झारखंड को छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से जोड़ता है, जबकि NH-143 सिमडेगा के रास्ते ओडिशा को जोड़ता है। इन दोनों महत्वपूर्ण मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और मालवाहक व यात्री वाहनों की आवाजाही थम गई, जिससे आम जनता और लंबी दूरी के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्कूली बच्चों और यात्रियों पर पड़ा असर शहर के टावर चौक पर हुए जाम का असर स्कूली बच्चों और दैनिक यात्रियों पर भी पड़ा। हालांकि, बंद समर्थकों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए स्कूल बसों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को जाम से सुरक्षित गुजरने दिया। फिर भी, बसों का परिचालन पूरी तरह बंद रहने के कारण दूर-दराज के इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों को खासी दिक्कतें हुईं। खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड में भी अधिकांश व्यावसायिक दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
No Comment! Be the first one.