जमशेदपुर के सोनारी मरीन ड्राइव में बुधवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। बिंदल मॉल रेस्टोरेंट फायरिंग केस में गिरफ्तार आरोपी मोहन यादव और अजीत मंडल गोली लगने से घायल, MGM अस्पताल में भर्ती।
झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत मरीन ड्राइव के जंगलों में बुधवार तड़के पुलिस और खूंखार अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ (Police Encounter) हो गई। सोनारी स्थित चर्चित बिंदल मॉल रेस्टोरेंट फायरिंग कांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों मोहन यादव और अजीत मंडल के पैरों में पुलिस की गोली लगी है। दोनों घायलों को तुरंत काबू में लेकर पुलिस अभिरक्षा में एमजीएम (MGM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बिंदल मॉल में हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में संलिप्त मोहन यादव और अजीत मंडल को पुलिस ने देर शाम गिरफ्तार किया था। कड़ाई से पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार सोनारी मरीन ड्राइव के पास घने जंगलों में छिपाकर रखे गए हैं। इस सूचना के आधार पर तड़के पुलिस टीम दोनों आरोपियों को निशानदेही पर हथियार बरामद करने के लिए मरीन ड्राइव के जंगल ले गई थी।
जवान की पिस्टल छीनकर चलाई गोली
जंगल में छानबीन के दौरान आरोपियों ने मौका पाकर अचानक एक पुलिस जवान की कमर से सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। अचानक हुए इस हमले के बाद पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि दोनों ओर से लगभग तीन-तीन राउंड गोलियां चलीं। पुलिस की सटीक जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद वे जमीन पर गिर पड़े और पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पुलिस ने मौके से दो पिस्टल भी जब्त की हैं।
बिंदल मॉल रेस्टोरेंट में की थी ताबड़तोड़ फायरिंग
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही मरीन ड्राइव इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी ललित मीणा, संबंधित डीएसपी और सोनारी थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे जंगल की घेराबंदी कर दी। उल्लेखनीय है कि बीते 26 सितंबर को सोनारी स्थित बिंदल मॉल के एक रेस्टोरेंट में बाइक सवार तीन अपराधी पहुंचे थे। उनमें से दो अपराधियों ने रेस्टोरेंट के अंदर घुसकर अचानक अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी।
1-1 लाख के इनामी थे आरोपी, जांच जारी
बिंदल मॉल केस में पुलिस ने पूर्व में ही एक साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि घटना को अंजाम देने वाले तीन शूटरों पर प्रशासन की ओर से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसी कड़ी में छापेमारी करते हुए पुलिस ने मोहन यादव और अजीत मंडल को गिरफ्तार किया था। सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फरार अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन अपराधियों को हथियार किसने मुहैया कराए थे और इस पूरी साजिश के पीछे कौन-कौन से मुख्य सरगना शामिल हैं।
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