7 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में एक खास तारीख है। 25 साल पहले इसी दिन उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार शपथ ली थी। इसके साथ ही सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2025 को उन्होंने सरकार के प्रमुख के रूप में सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश किया था।
NEWS SAGA DESK
7 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में एक खास तारीख है। 25 साल पहले इसी दिन उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार शपथ ली थी। इसके साथ ही सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2025 को उन्होंने सरकार के प्रमुख के रूप में सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश किया था।
गुजरात की राजनीति से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र तक पहुंचा। मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने गुजरात की कमान संभाली और करीब 13 वर्षों तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव उनके राजनीतिक जीवन का एक बड़ा पड़ाव बना, जब भाजपा ने उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा और जीत के बाद उन्होंने पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार बनने के बाद उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, उस समय गुजरात कई चुनौतियों से गुजर रहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में अपने इस दौर को याद करते हुए 2001 के कच्छ भूकंप, सूखे और अन्य चुनौतियों का जिक्र किया था। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल करीब 13 वर्षों तक चला। इस दौरान राज्य की राजनीति और प्रशासन में उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी रही। 2014 में राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और बड़ी हो गई और वह देश के प्रधानमंत्री बने।
गुजरात से दिल्ली तक पहुंची सियासी यात्रा
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने केंद्र की राजनीति में नई भूमिका संभाली। इसके बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद उन्होंने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद वह तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। इस तरह 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ सरकार के प्रमुख के रूप में उनका सफर राष्ट्रीय स्तर पर लगातार आगे बढ़ता गया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी 25वें वर्ष में प्रवेश के मौके पर उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और लोगों के प्रति आभार का उल्लेख किया था।
खास दिन की शुरुआत मंदिर में दर्शन से
अपने इस विशेष दिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। 25 वर्षों के इस राजनीतिक सफर में मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक उनकी भूमिका के कई अहम पड़ाव रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 25वें वर्ष में प्रवेश के मौके पर देशवासियों के प्रति आभार जताते हुए कहा था कि राष्ट्र की सेवा उनके लिए सर्वोच्च सम्मान है। उन्होंने संविधान के मूल्यों को मार्गदर्शक बताते हुए विकसित भारत के लक्ष्य के लिए आगे भी काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। 7 अक्टूबर की तारीख अब नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर दर्ज है। 2001 में गुजरात से शुरू हुई यह यात्रा 2014 में दिल्ली पहुंची और इसके बाद 2019 तथा 2024 में प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी तक आगे बढ़ी।
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