बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुहार में युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने 2030 तक रोजगार पलायन रोकने, 2029 तक 10 एयरपोर्ट बनाने और सासाराम-पटना NH निर्माण का भरोसा दिया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को रोहतास जिले के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान युवाओं और राज्यभर से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के समग्र विकास और रोजगार सृजन का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य ऐसा सशक्त बिहार बनाना है, जहां युवाओं को रोजगार या मजदूरी की तलाश में अन्य राज्यों की ओर रुख न करना पड़े। सरकार वर्ष 2030 तक इस स्थिति को हासिल करने के संकल्प के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं के स्थानीय स्तर पर रोजगार सुनिश्चित करने के लिए राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की लोक कल्याणकारी और विकास योजनाओं से जुड़कर राज्य की उन्नति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
दो महीने में शुरू होगा सासाराम-पटना NH का काम
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को गति देने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बहुप्रतीक्षित सासाराम-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का निर्माण कार्य अगले दो महीनों के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह राजमार्ग न केवल सासाराम, रोहतास और आसपास के जिलों के लिए लाइफलाइन बनेगा, बल्कि इससे व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने हवाई संपर्क (Air Connectivity) के विस्तार का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2029 से पहले बिहार में 10 नए एवं आधुनिक एयरपोर्ट तैयार कर लिए जाएंगे। सड़क और हवाई नेटवर्क मजबूत होने से राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश के नए दरवाजे खुलेंगे।
26 साल पुरानी इंद्रपुरी जलाशय परियोजना होगी पूरी
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि पिछले करीब 26 वर्षों से लंबित ‘इंद्रपुरी जलाशय परियोजना’ को अब धरातल पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर सोन नदी के कुल जल का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा बिहार के किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश की लगभग 44 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को पूरी तरह सिंचित करने के मिशन पर काम कर रही है। सिंचाई का दायरा बढ़ने से न केवल कृषि क्षेत्र मजबूत होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े युवाओं और किसानों की आय में भी ऐतिहासिक सुधार आएगा।
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