हजारीबाग में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB की विशेष टीम ने छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
NEWS SAGA DESK
हजारीबाग में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB की विशेष टीम ने छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशेश्वर प्रजापति, शंकर प्रजापति और रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद के रूप में हुई है। तीनों हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित टोला मुकुंदगंज के रहने वाले बताए गए हैं।
सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का आरोप
ACB के अनुसार, आरोपियों पर सरकारी और गैरमजरुआ खास जमीन की कथित तौर पर अवैध खरीद-बिक्री में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा फर्जी तरीके से जमीन हासिल करने और गलत दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज कराने के आरोप भी मामले में सामने आए हैं। मामले की जांच के दौरान तत्कालीन अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक समेत स्थानीय भू-माफियाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में रही है। आरोप है कि वन भूमि, सरकारी जमीन और गैरमजरुआ खास किस्म की जमीन को कथित तौर पर गलत तरीके से हासिल कर उसका हस्तांतरण और दाखिल-खारिज कराया गया।
2025 में दर्ज हुआ था मामला
ACB के हजारीबाग प्रमंडलीय कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25 दर्ज किया गया था। मामला 25 सितंबर 2025 को दर्ज हुआ था। केस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(d) के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत कार्रवाई की गई है।
पहले भी हो चुकी है कई गिरफ्तारियां
जांच के दौरान इस मामले में पहले भी तत्कालीन अंचलाधिकारी समेत कुछ अन्य सरकारी अधिकारियों, भू-माफियाओं, जमीन के खरीदारों और विक्रेताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्हें भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब ACB की ताजा कार्रवाई में जमीन विक्रेताओं से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
जमीन नेटवर्क की जांच जारी
तीन नई गिरफ्तारियों के बाद हजारीबाग में सरकारी और गैरमजरुआ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के नेटवर्क की जांच एक बार फिर तेज होने की उम्मीद है। जांच के दौरान जमीन के दस्तावेज, खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। ACB की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी मामले में केवल जमीन विक्रेताओं तक सीमित नहीं रहकर पूरे कथित नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और गिरफ्तारियां या अन्य कानूनी कार्रवाई संभव है।
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